कुछ दिनों के ब्रेक के बाद फिर से मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार को मानसून दक्षिण पश्चिम मध्य प्रदेश तक पहुंच गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और गुजरात व मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों तक मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश समेत 18 राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट किया है। जबकि जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस हफ्ते के अंत तक मानसून पश्चिमी यूपी, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों तक भी पहुंच जाएगा
मॉनसून ने सोमवार और मंगलवार को लगभग पूरे महाराष्ट्र को कवर कर लिया और वहां से गुजरात और मध्य प्रदेश में उसकी इंट्री हो चुकी है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बचे हुए हिस्से को भी मॉनसून ने कवर कर लिया है। आने वाले दो-तीन दिनों में पूर्वी भारत के कुछ हिस्से मसलन पश्चिम बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश तक मानसून पहुंच सकता है। दरअसल, इस साल मानसून ने केरल में अपने तय समय से पहले 24 मई को ही दस्तक दे दी थी। तेजी से दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी भारत के साथ ही पश्चिम के कुछ हिस्सों में पहुंच गया था। लेकिन 29 मई से इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई थी और अब एक बार फिर इसके रफ्तार पकड़ने से अगले 10 दिनों में पश्चिमी तटीय क्षेत्रों, मध्य और उत्तर भारत के कुछ इलाकों में तेज बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग का कहना है कि, देश के कई हिस्सों को मानसून कवर कर चुका है लेकिन राजधानी दिल्ली समेत कई हिस्सों में अभी भी उसका इंतजार है। पूर्वी हवाओं के सक्रिय होने के साथ अब मॉनसून के आगे बढ़ने के आसार बढ़ गए हैं। अनुमान है कि पूर्वी भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, सिक्किम से मॉनसून आगे बढ़कर जल्द ही पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों के साथ ही बिहार और झारखंड में प्रवेश कर सकता है।
17 और 18 जून को पूरे देश में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर रेड, ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। गुजरात के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया। वहीं, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गोवा, तटीय कर्नाटक, केरल और असम को छोड़कर पूर्वोत्तर के सभी छह राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया। असम, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, पुडुचेरी और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के लिए यलो अलर्ट जारी हुआ है।
अभी देश में बना है ये सिस्टम
निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर का कहना है कि, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आगे बढ़ते हुए मध्य अरब सागर के शेष हिस्सों, उत्तर अरब सागर के कुछ हिस्सों, गुजरात, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और तेलंगाना के शेष भागों, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ और हिस्सों में प्रवेश कर लिया है। आगामी 2 से 3 दिनों के दौरान अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं, जिससे मानसून के उत्तर अरब सागर के शेष हिस्सों, गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के शेष हिस्सों, गंगा-पश्चिम बंगाल, झारखंड के कुछ हिस्सों, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है।
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उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में 1.5 से 5.8 किमी की ऊँचाई तक एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम दिशा में झुका हुआ है। दक्षिण गुजरात और उससे सटे क्षेत्रों में समुद्र तल से 7.6 किमी ऊंचाई तक एक और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से वहां एक निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है, जो आगे चलकर और प्रभावी होकर उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है। दक्षिण पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊँचाई पर तथा पूर्वोत्तर पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में 3.1 किमी की ऊँचाई पर भी चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं।
बारिश ने बदला दिल्ली का मौसम
राजधानी दिल्ली में भी रविवार और मंगलवार को हुई बारिश के बाद से मौसम बदला-बदला सा नजर आ रहा है। लोग अब चिलचिलाती गर्मी से राहत महसूस कर रहे हैं। हालांकि मानसून कब तक दिल्ली में दस्तक दे सकता है, इसके बारे में मौसम विभाग की तरफ से अभी कुछ साफ नहीं बताया गया है। लेकिन सोमवार को मौसम विभाग ने 3 दिनों के लिए यहां येलो अलर्ट जारी किया। यानी दो दिन अभी यहां बारिश का अनुमान है। साथ ही 4-5 दिनों तक मौसम खुशगवार बना रह सकता है।