दिल्ली-एनसीआर में बारिश का दौर फिर शुरू होने वाला है। 22 से 26 अगस्त के बीच राजधानी में मध्यम से तेज बारिश और गरज-चमक के साथ पड़ने की संभावना है। जबकि 23 से 25 अगस्त के बीच बारिश अधिक तीव्र और व्यापक हो सकती है। हालांकि, 27 अगस्त से ट्रफ एक बार फिर दिल्ली के दक्षिण में खिसक जाएगा और मानसून की गतिविधियां धीमी हो जाएंगी।
दिल्ली-एनसीआर में पिछले 6 दिनों से मानसून लगभग शांत बना हुआ है। इस दौरान बेस स्टेशन सफदरजंग में केवल नाम मात्र की बारिश दर्ज हुई है। अन्य ज्यादातर स्टेशनों पर भी बारिश यही पैटर्न देखने को मिला। राजधानी में इस सप्ताह से मौसम गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है, जो अगले हफ्ते तक जारी रह सकती है। हालांकि, अगस्त के आखिर तक फिर से बारिश कम हो सकती है। निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर का कहना है कि,मानसून ट्रफ इस समय अपनी सामान्य स्थिति से काफी दक्षिण और दिल्ली से दूर बनी हुई है। निचले स्तर पर यह बाड़मेर, कोटा, अशोकनगर होते हुए आगे पूर्वी इलाकों तक फैली है। लेकिन स्थितियां अब इसके उत्तर की ओर बढ़ने और राजधानी के करीब आने की बन रही हैं। अगले 4-5 दिन तक मानसून ट्रफ दिल्ली के आसपास रहकर मानसून गतिविधियों को फिर से सक्रिय कर सकती है।
एजेंसी के मुताबिक,अगस्त में दिल्ली में बारिश का मुख्य कारण मानसून ट्रफ होता है। वर्तमान में यह फीचर दिल्ली से काफी दक्षिण में है और भुज, डीसा, शाजापुर होते हुए आगे पूर्व की ओर फैला हुआ है। सौराष्ट्र-कच्छ और उससे सटे अरब सागर पर बना चक्रवाती परिसंचरण इस ट्रफ को सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खींच लाया है। हालांकि आने वाले दिनों में इसके उत्तर की ओर खिसकने और दिल्ली-एनसीआर में बारिश बढ़ाने की संभावना है। गुजरात पर बना चक्रवाती परिसंचरण धीरे-धीरे उत्तर की ओर खिसककर कमजोर होगा। इसके साथ ही ट्रफ रेखा भी खिसककर दक्षिणी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश से गुज़रेगी। अगले दिन तक परिसंचरण कमजोर होकर भर जाएगा, लेकिन मानसून ट्रफ उत्तर-पूर्वी राजस्थान और उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश पर नया परिसंचरण समेटे रहेगा। यह स्थिति 3-4 दिन तक बनी रह सकती है, जिससे ट्रफ दिल्ली के करीब बना रहेगा।
दिल्ली-एनसीआर में 22 से 26 अगस्त 2025 के बीच मध्यम दर्जे की रुक-रुक कर होने वाली बारिश देखने को मिलेगी। जबकि 23, 24 और 25 अगस्त को वर्षा अधिक तीव्र हो सकती है, खासकर रविवार 24 अगस्त को। अब तक दिल्ली में अगस्त में 259.7 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य 226.8 मिमी से अधिक है। जून और जुलाई में भी क्रमशः 45% और 24% अधिक वर्षा दर्ज की गई थी। आने वाला यह बरसाती दौर अगस्त के आँकड़े को 300 मिमी के करीब पहुँचा सकता है।