अगले कुछ ही घंटों बाद देर रात से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में मौसम तेजी से बदलने जा रहा है। विभाग के मुताबिक ईरान के ऊपर कम दबाब की हवाएं आगे बढ़ रही हैं, जो जल्द ही हिमालय क्षेत्र में सक्रिय होकर मौसम को बदलने जा रही हैं। इसके बाद उत्तरी क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों में जमकर बर्फबारी और बारिश के हालात बनने वाले हैं। विभाग का अनुमान है कि गुरुवार की आधी रात से लेकर रविवार तक जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, और उत्तराखंड समेत आसपास के मैदानी इलाकों में इसका असर देखने को मिलेगा।
मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के चलते ईरान के पूर्वोत्तर हिस्से में हवाओं की चक्रवाती परिस्थियां बन रही हैं, जो लगातार पश्चिम से पूरब की ओर बढ़ रही हैं। विभाग के मुताबिक ये कम दबाव वाली हवाएं अगले कुछ दिनों तक मौसम में बड़ी तब्दीली करने वाली हैं। इसके चलते गुरुवार की आधी रात से पहाड़ी इलाकों में तेजी से मौसम बदलने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस दौरान पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के चलने का अनुमान लगाया जा रहा है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक आलोक यादव कहते हैं कि शुरुआत में मौसम का असर जम्मू कश्मीर समेत लद्दाख और हिमाचल में होगा, उसके बाद मैदानी इलाकों में इसके असर की उम्मीद है।
मौसम विभाग के मुताबिक एक मार्च से लेकर दो मार्च तक पहाड़ी इलाकों खासकर हिमाचल और जम्मू कश्मीर में जमकर बारिश होगी। जबकि इसी इलाके में जमकर बर्फबारी भी होने का अनुमान है। चूंकि इस दौरान पचास किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं का असर मैदानी इलाकों में बदले मौसम के तौर पर भी देखने को मिलेगा। विभाग का अनुमान है कि हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य में दो मार्च तक, जबकि उत्तराखंड में मौसम में बड़ी तब्दीली तीन मार्च से देखने को मिलेगी।
मौसम विभाग के प्रवक्ता राजेंद्र कुमार के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता गुरुवार की रात से पश्चिमी हिमालय रीजन में देखने को मिलेगी। इस दौरान 1 मार्च से 4 मार्च तक आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी के साथ तेज तूफान का भी अनुमान लगाया जा रहा है। इसके अलावा मैदानी इलाकों में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली एनसीआर, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश समेत राजस्थान के कुछ हिस्सों में अगले सात दिनों तक अलग-अलग हिस्सों में मौसम बदलने का अनुमान लगाया जा रहा है। विभाग का कहना है कि बीते कुछ दिनों से मध्यप्रदेश, झारखंड और पूर्वोत्तर के अलग-अलग हिस्सों में ओलावृष्टि और बर्फबारी हो रही है।
मौसम विभाग की ओर से अगले कुछ दिनों के भीतर न्यूनतम पारे में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ों पर गिरने वाली बर्फ और उसके बाद चलने वाली तेज हवाओं से फिलहाल अगले कुछ दिनों तक तापमान में कुछ गिरावट हो सकती है। लेकिन ऐसा नहीं है कि मौसम एकदम से ठंडा हो जाएगा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बीते एक महीने के दौरान पांचवीं बार पश्चिमी विक्षोभ बन रहा है।