गोवा में स्थानीय लोगों ने हाल ही में रूसी समूह पर काला जादू करने का आरोप लगाते हुए नाटक को रोक दिया था। हालांकि, रूसी समूह ने मंगलवार को इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि उन्हें गलत समझ लिया गया था। वे केवल राजा विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन कर रहे थे।
घटना 30 जनवरी को उत्तरी गोवा के पेरनेम तालुका में हुई थी। स्थानीय लोगों के एक समूह ने प्रदर्शन रोक दिया था।
रूस की ओल्गा मखनोवेत्स्की और बेलारूस की मिकोला द्रानिच रशियन स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स से ग्रेजुएट हैं और थिएटर डायरेक्टर/एक्टर हैं। उन्होंने मंगलवार को घटना के बारे में संवाददाताओं से बात की औऱ बताया कि उन्होंने अपने नाटक के मंचन के बारे में पहले ही स्थानीय पंचायत को सूचित कर दिया था।
उन्होंने कहा, हम उस गलतफहमी को दूर करना चाहते हैं, जो हमारे नाटक के मंचन के दौरान काले जादू की अफवाह के बाद पैदा हुई थी। हम यह पूरी तरह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हम किसी पंथ या किसी धार्मिक संगठन के प्रबल समर्थक नहीं हैं।
उन्होंने खुद को 'यूरी मारिन की बेटी' बताया, जो एक प्रसिद्ध रूसी फिल्म निर्माता हैं, जिन्हें फिल्म 'विंडो टू पेरिस' के लिए जाना जाता है। उन्होंने बताया कि उनके सहयोगी ड्रैनिच एक थिएटर डायरेक्टर और एक्टर हैं और कठपुतली शो में माहिर हैं।
परनेम की घटना के बारे में उन्होंने कहा, हम सिर्फ कलाकार हैं। हमारे प्रदर्शन की कहानी राजा विक्रमादित्य और एक भारतीय महाकाव्य से संबंधित है। उन्होंने कहा कि पूरी कहानी भारतीय संस्कृति की मजबूत विरासत को आगे बढ़ाती है, जिसे हम बहुत प्यार करते हैं।
घटना के बारे में मखनवेत्स्की ने कहा कि यह कार्यक्रम शनिवार को आयोजित किया गया था, जिसे शनि ग्रह या 'शनि' द्वारा शासित दिन माना जाता है। इस कहानी को बताने के लिए पारंपरिक रूप से काले और नेवी ब्लू रंग के कपड़े इस्तेमाल किए गए थे।