फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pahalgam Attack: 'आतंकियों के सामने बिंदी उतारी, अल्लाहु अकबर के नारे लगाए', पीड़िता की बात सुन खौल उठेगा खून

Thu, 24 Apr 2025 06:08 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे

सार

Pahalgam Attack: पहलगाम में आतंकियों ने जो कायराना हरकत की, उसे याद करके आतंकी हमले के पीड़ितों के आंसू छलक जा रहे है। पुणे के रहने वाले कौस्तुभ गणबोटे की पत्नी ने उस भयावह दृश्य को याद करते हुए बताया कि उन्होंने आतंकियों के सामने बिंदी उतारी, अल्लाहु अकबर के नारे भी लगाए, लेकिन इसके बावजूद आतंकियों ने उनके पति की हत्या कर दी।
विज्ञापन
पहलगाम में आतंकी हमले के पीड़ित - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले में महाराष्ट्र के पुणे जिले के रहने वाले कौस्तुभ गणबोटे की भी आतंकियों ने हत्या की थी। वहीं कौस्तुभ की पत्नी संगीता ने इस भीषण आतंकी हमले की दास्तां बयां की है। जिसे सुनकर हर किसी का खून खौल उठेगा। संगीता ने बताया कि कैसे उसने और उसके साथ गए समूह की अन्य महिलाओं ने हमलावरों को पुरुषों से 'अजान' पढ़ने के लिए कहते हुए देखा और तुरंत अपने माथे से बिंदी हटा दी और 'अल्लाहु अकबर' का नारा लगाना शुरू कर दिया। लेकिन उनकी तरफ से अपनी धार्मिक पहचान छिपाने के लिए किए गए ये प्रयास काम नहीं आए क्योंकि बंदूकधारी आतंकवादियों ने महिला के पति और उसके दोस्त को भी नहीं छोड़ा, जो पुणे का ही रहने वाला था।
विज्ञापन


 यह भी पढ़ें - पहलगाम हमला: सिंधु जल संधि रोकने से बौखलाया पाकिस्तान, भारत के लिए बंद किया हवाई क्षेत्र

शरद पवार ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी
संगीता के पति कौस्तुभ गणबोटे उन 26 लोगों में शामिल हैं, जिनकी हत्या आतंकवादियों की तरफ से 22 अप्रैल को पहलगाम के बायसरन में की गई। संगीता गणबोटे ने बताया कि, इस हमले के दौरान जब एक स्थानीय मुस्लिम व्यक्ति ने हमलावरों से पूछा कि वे निर्दोष लोगों को क्यों मार रहे हैं, तो उन्होंने उसे नंगा कर दिया और गोली मार दी। संगीता ने शरद पवार से उस भयावह अनुभव को साझा किया, जब एनसीपी (एसपी) प्रमुख शोकाकुल परिवार के सदस्यों से मिलने गए थे, जहां उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी।
विज्ञापन

शरद पवार ने मृतक को दी श्रद्धांजलि - फोटो : PTI
कौस्तुभ के बचपन के दोस्त संतोष जगदाले की भी हत्या
बता दें कि, पहलगाम में कौस्तुभ गणबोटे के अलावा, उनके बचपन के दोस्त संतोष जगदाले भी आतंकी हमले में मारे गए। दोनों परिवार एक साथ यात्रा कर रहे थे, जब चार हथियारबंद आतंकवादियों के समूह ने उन्हें बैसरन में रोका और उनसे धर्म से जुड़े सवाल पूछने लगे। संगीता ने बताया कि, 'जब मेरे पति के दोस्त (जगदाले) को आतंकवादियों ने बुलाया और पूछा कि क्या वह 'अजान' पढ़ सकता है, तो समूह की सभी महिलाओं ने तुरंत हमारे माथे से बिंदी हटा दी और 'अल्लाहु अकबर' का नारा लगाना शुरू कर दिया। लेकिन आतंकवादियों ने उन दोनों (जगदाले और गनबोटे) को मार डाला और वहां से चले गए।


हम मदद के लिए भी नहीं चिल्ला सकते थे- प्रतिभा जगदाले
जगदाले की बेटी असावरी और उसकी मां प्रतिभा ने भी शरद पवार को भयानक हत्याओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा, 'चार से पांच आतंकवादी कहीं से आए और हमसे पूछने लगे कि हम हिंदू हैं या मुसलमान, और पूछा कि क्या कोई मुसलमान है और 'कलमा' पढ़ सकता है।' उन्होंने बताया कि पुरुषों को सिर, आंखों और छाती में गोली मारी गई थी। जगदाले की पत्नी ने बताया कि आतंकवादी हमले के समय कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा, 'हम मदद के लिए चिल्लाने की स्थिति में भी नहीं थे क्योंकि बंदूकधारी आतंकवादी चारों ओर थे।'

पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित - फोटो : PTI
कई घंटे तक नहीं मिली पति की जानकारी- प्रतिभा
उन्होंने यह भी कहा कि जब उनके पति और गणबोटे को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, तो उन्हें लंबे समय तक उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी नहीं दी गई। प्रतिभा जगदाले ने कहा, 'रात 10 बजे तक हमें बताया गया कि वे जीवित हैं। बाद में हमें बताया गया कि वे मर चुके हैं। हम सभी असहाय थे।' उन्होंने सरकारी अधिकारियों से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्यटकों के लिए क्षेत्र को बंद करने की अपील की।

हम पहली बार ही कश्मीर गए थे- जगदाले
प्रतिभा जगदाले ने रोते हुए कहा, 'अब हमें क्या करना चाहिए, क्योंकि मैंने अपने पति को खो दिया है...मेरी बेटी ने अपने पिता को खो दिया है। मैं कल से अपने पति का चेहरा नहीं देख पा रही हूं।' उन्होंने मांग की कि अपराधियों को उनकी पत्नियों और बच्चों के सामने लोगों की हत्या करने के लिए कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'छोटे बच्चे रो रहे थे। घटनास्थल से नीचे आते समय हम चल नहीं पा रहे थे और कीचड़ में गिर गए।' उन्होंने कहा कि यह कश्मीर में उनका पहला दिन था।'

 यह भी पढ़ें - Pahalgam Terror Attack: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिले अमित शाह और जयशंकर, पहलगाम आतंकी हमले पर दिया अपडेट
विज्ञापन

पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों से मिले शरद पवार - फोटो : PTI
पीड़ित परिवारों को अकल्पनीय क्षति हुई- शरद पवार
वहीं इसके बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में शरद पवार ने कहा कि उन्होंने पहलगाम हमले में मारे गए पुणे के दो निवासियों संतोष जगदाले और कौस्तुभ गणबोटे के घर का दौरा किया। उन्होंने दोनों पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और उनके शोकाकुल परिवार के सदस्यों से बात की ताकि पता चल सके कि क्या हुआ। उन्होंने कहा,'इस कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले में कई निर्दोष भारतीयों की जान चली गई है, जिनमें डोंबिवली के अतुल मोने, संजय लेले और हेमंत जोशी तथा पनवेल के दिलीप देसले शामिल हैं। मैं उन सभी को भावभीनी श्रद्धांजलि देता हूं। उनके परिवारों को अकल्पनीय क्षति का सामना करना पड़ रहा है और मैं उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।" 

दिल दहला देने वाला आतंकी हमला- पवार
इस हमले को 'दिल दहला देने वाला' बताते हुए शरद पवार ने कहा कि यह बेहद परेशान करने वाला है कि निर्दोष पर्यटक इस तरह के जघन्य कृत्य का शिकार बन गए। उन्होंने कहा, 'मैं इस घृणित आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। यह जरूरी है कि हम आतंकवाद के ऐसे कृत्यों को खत्म करने और अपने देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाएं।'

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें