अमेरिका के मंगलवार को ईरान परमाणु समझौते से खुद को अलग करने के बाद फ्रांसीसी राजदूत का बयान आया है। भारत में मौजूद फ्रांस के राजदूत अलेक्जेंडर जिगलर ने कहा, हमें अमेरिका के निर्णय पर खेद है। हम समझौते में बने रहेंगे। हम अपने यूरोपीय भागीदारों के साथ इस समझौते को लागू करना जारी रखेंगे और हम व्यापक रूपरेखा पर काम करेंगे।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान परमाणु समझौते से खुद को अलग करने की घोषणा की। ट्रंप ने कहा था कि हम ईरान को परमाणु बम बनाने से नहीं रोक सकते। यह समझौता भीतर से ही दोषपूर्ण है। इस विनाशकारी करार ने तेहरान को करोड़ों डॉलर दिए लेकिन इसे परमाणु हथियार बनाने से नहीं रोक सकी।
वहीं यूरोपीय राजनयिकों ने कहा कि ट्रंप को यह समझौता नहीं तोड़ने के लिए मनाने में वह पूरी तरह से असफल रहे। ट्रंप के फैसला लेते ही अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ तेहरान के रिश्तों में दरार आना तय हो गया है।
ट्रंप का यह फैसला यूरोपीय संघ की कोशिशों को भी बड़ा झटका साबित हुआ है, जो इस समझौते को बचाने में जुटा हुआ था। इसीलिए कुछ यूरोपीय देश ट्रंप द्वारा ईरान के साथ परमाणु समझौता रद्द करने के बावजूद डील पर कायम रहने की बात कह चुके हैं। इस समझौते के तहत ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करने को राजी हुआ था और बदले में ईरान पर लंबे समय से लगे आर्थिक प्रतिबंधों में ढील दी गई थी।