इसके अलावा विदेश सचिव ने जानकारी दी कि मिस्र से रेमडेसिविर की 4,00,000 शीशियां खरीदने की दिशा में काम कर रहे हैं, यूएई, बांग्लादेश, उज्बेकिस्तान से भी इसे खरीदने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं विदेश सचिव ने आगे कहा कि तीन विशेष विमानों के जरिए अमेरिका से बड़ी मात्रा में चिकित्सीय आपूर्तियां लाने की उम्मीद है और दो विमान शुक्रवार को पहुंचेंगे। विदेश सचिव ने यह भी कहा कि भारत में टीका उत्पादन को बढ़ाने के लिए व्यापक अतिरिक्त क्षमताओं का निर्माण किया जा रहा है।
मदद करने कुछ देश सामने से खुद आए- विदेश सचिव
यही नहीं विदेश सचिव ने कहा कि ये स्थिति भयावह है। हम कई देशों से अलग-अलग उपकरण खरीद रहे हैं। हालांकि कुछ देश खुद से हमारी मदद करने के लिए सामने आए हैं। उन देशों का कहना है कि वो भारत की ओर से की गई मदद के शुक्रगुजार हैं और इसलिए भारत की मदद कर रहे हैं।
हम दूसरे देशों की मदद कर रहे हैं और हमें मदद मिल रही है। इस समय हमारा उद्देश्य लोगों की जान बचाना ही है और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।