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चुनावी शायरी : मतदान करने की हमें अलख जगाना है

Tue, 16 Oct 2018 04:57 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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चुनावी शायरी
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आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर देश का चुनावी माहौल गरमा रहा है। रैलियां, नारे और लोक लुभावन चुनावी वादों की झड़ी के बीच सियासी पारा चढ़ रहा है। इसी माहौल पर पेश है चुनिंदा काव्य पंक्तियां जो हमारी लोकतंत्र की समझ को मजबूत करेंगी। मतदान जरूर करें। साथ ही अपने विवेक का इस्तेमाल भी करें। आपका मतदान आपके आगामी पांच सालों की रूपरेखा तय करेगा।
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मतदान करने की हमें अलख जगाना है।
हो गए जो अट्ठारह के वोटर आई डी बनाना है।।

घर घर जाकर हमको पूछताछ करना है।
कोई छूट न जाए सबकी आई. डी . बनाना है।।

जो स्कूल में पढ़ते और उम्र हो पूरी अठारह की।
उनकी सूची बनाकर फॉर्म छह भरना है।।

जो निश्चित तारीख हो बूथ पर बैठना है।
मतदाताओं के फॉर्म छह सात आठ भरना है।।

मतदान के अधिकार को सबको बताना है।
हर चुनाव में मत देने की हमें शपथ दिलाना है।।

सब काम से पहले बूथ पर जा मतदान करना है।
लोकतंत्र को मिलकर मजबूत करना है।।

बिना लोभ लालच प्रलोभन के मत देना है।
स्वतंत्र निष्पक्ष होकर सोच समझकर मत देना है।।

ईमानदार कर्मठ देशसेवक हमें नेता चुनना है।
भारत की महापंचायत तक सच्चे नेता पहुंचाना है।।

- राजेश पुरोहित 


 
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