फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Odisha Polls: ‘शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं’, नवीन पटनायक ने बढ़ाया बीजद नेताओं का हौसला; कहा- काम जारी रखेंगे

Wed, 05 Jun 2024 10:16 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर

सार

ओडिशा विधानसभा चुनाव में बीजू जनता दल को हार का सामना करना पड़ा है। उधर राज्य के निवर्तमान मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों का हौसला बढ़ाते हुए कहा ‘हमें शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है।’
विज्ञापन
नवीन पटनायक ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ओडिशा के निवर्तमान सीएम नवीन पटनायक ने बीजू जनता दल (बीजद) कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया है। उन्होंने कहा ‘हमें शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है।’ पटनायक ने कहा कि जब उन्होंने ओडिशा की कमान संभाली तो राज्य की 70 फीसदी आबादी गरीबी रेखा से नीचे रह रही थी। उन्होंने दावा किया कि 24 साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने गरीबी रेखा को घटाकर 10 फीसदी पर ला दिया। अपनी पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों से मुलाकात करते हुए पटनायक ने कहा कि बीजद राज्य के हित में काम करना जारी रखेगा।
विज्ञापन


हमें शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं- नवीन पटनायक
बता दें कि ओडिशा विधानसभा चुनाव में बीजू जनता दल को हार का सामना पड़ा है। ऐसे में नवीन पटनायक ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों को ढाढ़स बंधाया। उन्होंने कहा ‘जब मैं पहली बार मुख्यमंत्री बना, तो ओडिशा के 70 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे थे। अब, केवल 10 प्रतिशत लोग ही गरीबी रेखा के नीचे हैं। कृषि, सिंचाई क्षेत्रों और महिला सशक्तिकरण में हमारे प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई है।’ पटनायक ने विधायकों से कहा 'हमें शर्मिंदा होने की कोई आवश्यकता नहीं है।'

24 वर्षों तक ओडिशा के लोगों की सेवा की, आगे भी करेंगे- पटनायक
बीजद अध्यक्ष ने कहा कि उन्होने पिछले 24 वर्षों से ओडिशा के लोगों की सेवा की है और आगे भी राज्य के हित में काम करना जारी रहेगा। इससे पहले विधानसभा चुनाव में मिली की हार के बाद, पटनायक ने राज्यपाल रघुबर दास को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
विज्ञापन

बता दें कि ओडिशा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 147 विधानसभा सीटों में से 78 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि बीजद को 51 सीटें मिलीं। कांग्रेस ने 14,  सीपीआई (एम) ने एक और निर्दलीय उम्मीदवारों ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की। पटनायक ने वर्ष 2000 को पहली बार ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और तब से वे चार बार मुख्यमंत्री चुने गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें