उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार जबर्दस्त एक्शन में है। सरकार ने आनन-फानन में कई नए कामों की शुरुआत की है। जिसमें अवैध बूचड़खानों को बंद करना, पान-गुटखा पर बैन जैसी योजनाएं शामिल हैं।
इन सबके अलावा सरकार ने महिलाओं को छींटाकशी से बचाने के लिए एंटी-रोमियो दल बनाया है। लेकिन आखिर एंटी-रोमियो दल शोहदों की पहचान करते कैसे हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार ये प्रश्न पूछने पर एक पुलिस कॉन्स्टेबल ने बताया कि अब किसी के चेहरे पर तो नहीं लिखा होता कि कौन रोमियो है। पर हमारे इतने साल की ड्यूटी का अनुभव है कि हम लड़कों की आंखों, चेहरे और उनके खड़े होने के अंदाज से ही पहचान जाते हैं कि कौन शरीफ घर का है और कौन रोमियो है।
महिला कॉलेज के सामने खड़े एक लड़के को पुलिस ने पकड़ा ओर उसे खूब फटकार लगाई। लड़के ने कहा कि वो केवल अपनी दोस्त से मिलने आया है। इस पर पुलिस वाले ने गैंग्स ऑफ वासेपुर का डायलॉग फेंककर मारा कि एक लड़का और लड़की कभी दोस्त नहीं हो सकते। अगर तुम दोनों दोस्त हो तो लड़की के घर जाओ। उसके मां-बाप से अनुमति लेकर उससे बात करो। लेकिन शहर का माहौल खराब मत करो।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हम किसी को नैतिकता का पाठ नहीं पढ़ा रहे। हम केवल ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि शहर सुरक्षित हो। बेगुनाहों और कपल्स को परेशान करने का हमारा कोई इरादा नहीं है।