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वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन: 'हम सहयोग के पुल बनाने की शक्ति में विश्वास करते हैं', बोले यूएई के राष्ट्रपति

Thu, 11 Jan 2024 12:00 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर

सार

उद्घाटन समारोह के दौरान अन्य देशों से आए गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार साझा किए। 
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बिन जायद अल नाहयान - फोटो : social media
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विस्तार
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संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने बुधवार को वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2024 के 10वें संस्करण के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने कहा कि वह सहयोग के पुल बनाने की शक्ति में विश्वास करते हैं।

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यूएई राष्ट्रपति ने अपने एक्स के जरिए कहा,  'आज मैंने दुनियाभर के नेताओं और अधिकारियों के साथ भारत में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में भाग लिया।यूएई आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सहयोग के पुल बनाने, वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने और सभी के लिए स्थिरता और समृद्धि हासिल करने में मदद करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की शक्ति में दृढ़ता से विश्वास करता है।' उद्घाटन समारोह के दौरान अन्य देशों से आए गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार साझा किए। 

विशेष रणनीतिक भागीदार हैं भारत और जापान
जापान के अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप मंत्री होसाका शिन ने कहा कि भारत और जापान स्वतंत्रता, लोकतंत्र और मानवाधिकारों के सार्वभौमिक मूल्यों से बंधे विशेष रणनीतिक भागीदार हैं। 
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उप मंत्री ने कहा, 'हमने सावधानीपूर्वक कुछ सेमीकंडक्टर निगमों का चयन किया, जिनमें भारत में योगदान करने की काफी क्षमता है और उन्हें यहां हमारे साथ आने के लिए कहा। हम हाइड्रोजन क्षेत्र में जापानी निगमों को भारत में आकर्षित करने और परिचालन से जुड़े शुरुआती जोखिम को कम करने के लिए भी सहायता प्रदान कर रहे हैं,'। 

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की ओर से अपने भारतीय समकक्ष को शुभकामनाएं देते हुए, ब्रिटेन के राज्य मंत्री लॉर्ड तारिक अहमद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच जीवित पुल को परिभाषित किया'।

शिखर सम्मेलन ने वैश्विक निवेशकों को किया आकर्षित
अहमद ने आगे कहा कि पीएम मोदी, आपने यूनाइटेड किंगडम और भारत के बीच जीवंत पुल को परिभाषित किया। मैं अपने प्रधानमंत्री, भारत के दामाद ऋषि सुनक की ओर से शुभकामनाएं देना चाहता हूं। वह बोले कि इस शिखर सम्मेलन ने वास्तव में हर मायने में वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के तरीके पर एक मास्टर क्लास के रूप में काम किया है। उन्होंने आगे कहा 'हमारे देश भौगोलिक रूप से हजारों मील अलग हो सकते हैं, लेकिन हमारे लोगों के बीच गर्मजोशी से वह विशाल दूरी कम हो सकती है।' 
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