36 लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए 2016 में भारत ने फ्रांस के साथ एक अंतर-सरकारी समझौता किया। समझा जाता है कि इन विमानों की आपूर्ति सितंबर 2019 से शुरू होगी। घोटाले का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने इस सौदे पर कई सवाल उठाए हैं। कांग्रेस सरकार से राफेल डील की कीमत सार्वजनिक करने की मांग कर रही है, जबकि सरकार का कहना है कि यह सौदा पारदर्शी तरीके से हुआ है।