पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सामान्य सहमति फिर से प्रदान की है। इससे सीबीआई राज्य में केंद्र सरकार के कर्मचारियों, एजेंसियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) और उनसे जुड़े निजी व्यक्तियों से जुड़े मामलों की जांच कर सकेगी। हालांकि, राज्य सरकार के कर्मचारियों से जुड़े मामलों की जांच के लिए राज्य सरकार से पूर्व लिखित अनुमति अनिवार्य होगी।
गृह विभाग की अधिसूचना में क्या कहा गया?
राज्य के गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग की आंतरिक सुरक्षा शाखा ने एक अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना में कहा गया है कि दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के तहत राज्य सरकार ने सीबीआई को पश्चिम बंगाल राज्य में अपनी शक्तियों और अधिकार क्षेत्र के विस्तार की सामान्य सहमति प्रदान कर दी है। इसके तहत सीबीआई अब केंद्र सरकार के कर्मचारियों, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों और निजी व्यक्तियों से जुड़े मामलों की जांच कर सकेगी, चाहे वे अकेले या संयुक्त रूप से केंद्रीय कर्मचारियों/उपक्रमों से जुड़े हों।
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हालांकि, इसमें यह शर्त रखी गई है कि राज्य सरकार के कर्मचारियों से जुड़े मामलों की जांच के लिए राज्य सरकार की पूर्व लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार की ओर से पहले दी गई सभी सामान्य सहमतियां और मामले-दर-मामले आधार पर दी गई अनुमतियां भी प्रभावी रहेंगी। यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इस अधिसूचना की प्रतिलिपि सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (भारत सरकार), सीबीआई निदेशक, पश्चिम बंगाल के डीजीपी, कोलकाता पुलिस आयुक्त को भेजी गई है।