पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस
- फोटो : ANI (Video Grab)
पश्चिम बंगाल में टीएमसी के दो नवनिर्वाचित विधायकों को विधानसभा स्पीकर बिमान बनर्जी ने शपथ दिलाई। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस और नवनिर्वाचित दो टीएमसी विधायकों के बीच शपथ ग्रहण समारोह की खींचतान का मामला सुलझ गया। राज्यपाल बोस ने दोनों विधायकों के शपथ ग्रहण की निगरानी के लिए विधानसभा उपाध्यक्ष को अधिकृत किया था। हालांकि उपाध्यक्ष ने खुद को इससे अलग कर लिया, जिसके बाद स्पीकर बिमान बनर्जी ने दोनों विधायकों को शपथ दिलाई।
क्या था विवाद
लोकसभा चुनाव के साथ हुए दो सीटों पर हुए उपचुनाव में टीएमसी विधायक सायंतिका बंदोपाध्याय और रयात हुसैन ने जीत हासिल की थी। राज्यपाल ने दोनों को शपथ ग्रहण के लिए राजभवन आमंत्रित किया, लेकिन विधायकों ने राजभवन आकर शपथ लेने से इनकार कर दिया। विधायकों की मांग थी कि राज्यपाल विधानसभा में स्पीकर या डिप्टी स्पीकर को अधिकृत किया जाए। हालांकि राज्यपाल के दिल्ली दौरे की वजह से इसमें देरी हुई। इस दौरान विधायकों ने कई दिनों तक विधानसभा परिसर में शपथ की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। स्पीकर बिमान बनर्जी ने भी शपथ ग्रहण मुद्दे को सुलझाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्तक्षेप की मांग की थी। बनर्जी ने राज्यपाल बोस पर शपथ ग्रहण समारोह को अहंकार की लड़ाई में बदलने का आरोप लगाया था।
राज्यपाल ने जताई थी नाराजगी
राज्यपाल बोस का कहना था कि 'देश का संविधान उन्हें यह तय करने का अधिकार देता है कि विधायकों को शपथ दिलाने का काम किसे सौंपा जाए। मुझे विधानसभा में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित कराने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन स्पीकर द्वारा राज्यपाल के पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले आपत्तिजनक पत्र को भेजने के बाद यह विकल्प संभव नहीं हो पाया।' बारानगर सीट और भांगबंगोला सीट पर हुए उपचुनाव में क्रमशः सायंतिका बंदोपाध्याय और रयात हुसैन ने जीत दर्ज की थी।