खतरे के निशान के पास पहुंचा पानी
- फोटो : अमर उजाला
तीन साल पहले आई बाढ़ की इलाहाबाद में पुनरावृत्ति हो गई है। गंगा और यमुना दोनों का ही जलस्तर तीन साल पहले अगस्त माह में आई बाढ़ के उच्चतम जलस्तर तक मंगलवार या बुधवार तक पहुंच सका। तब इलाहाबाद में गंगा का जलस्तर 86.82 तो यमुना का 86.60 मीटर तक पहुंच गया था। सोमवार की बात करें इलाहाबाद में गंगा और यमुना तीन साल पहले के उच्चतम जलस्तर से अब कुछ सेंटीमीटर ही पीछे रह गई है।
बता दें कि तीन साल पहले आई बाढ़ के दौरान कुल तीन बार गंगा और यमुना के जलस्तर ने 86 मीटर का आंकड़ा पार किया था। इस दौरान कई दिनों तक दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर बही। पुराने आंकड़ों पर गौर करें तो 26 अगस्त 2013 को दोनों ही नदियां वर्ष 1978 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी।
तब गंगा फाफामऊ में 86.820 एवं यमुना नैनी में 86.600 मीटर के आंकड़े तक पहुंच गई थी। हालांकि तीन साल पहले आई और वर्ष 2016 में आई बाढ़ में अंतर इतना ही है कि तब 22 अगस्त को गंगा का जलस्तर 85.550 और यमुना का 85.400 मीटर था तो अब उसी तारीख में गंगा 86.120 एवं यमुना 86 मीटर तक पहुंच चुकी हैं।