मध्य प्रदेश में कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते टौंस नदी का पानी गंगा में छोड़ा जा रहा है। इससे गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। जलस्तर में बढ़ोत्तरी से वाराणसी में बाढ़ की नौबत आ गई है। स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने गंगा घाटों की तरफ आने वाले सभी संपर्क मार्गो को बंद कर दिया है।
बता दें कि मध्य प्रदेश के टौंस नदी से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा में पिछले 24 घंटे के अंदर 77 सेंटीमीटर पानी बढ़ गया है। सवा तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटा की दर से बढ़ रहा गंगा का यह जलस्तर प्रशासन के लिए चिंता का सबब बन गया है। है। उच्चाधिकारियों ने सभी अधिकारियों को सचेत कर निर्देश जारी किया है कि कि लगातार बढ़ रहे पानी पर निगाह बनाए रखे। जिससे किसी प्रकार की घटना नहीं होने पाए।
गंगा में पानी बढ़ने से तटवर्तीय इलाके के लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। बाढ़ से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने बैठकें कर सारी तैयारियों को पूर्ण करने का दावा तो कर रही है, लेकिन इसमें कितना सफल हो पाएगा यह तो समय ही बताएगा।
बाढ़ आने की आशंका से गांवों में भय का माहौल
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गुरुवार की सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 65.090 मीटर रिकार्ड किया गया, जबकि बुधवार की सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 64.320 मीटर रिकार्ड किया गया था। विभागीय सूत्रों के अनुसार गंगा में पानी भारी बारिश के बाद मध्य प्रदेश के टौंस नदी से आ रहा है।
वर्तमान समय में गंगा सवा तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे के हिसाब से बढ़ रही हैं। जिले के छानबे, कोन, पहाड़ी, सीखड़, चुनार, नरायनपुर आदि ब्लाकों के तटवर्तीय इलाके के गावों के ग्रामीण गंगा के बढ़ते जलस्तर को देख सहम गए हैं। गांवो में रहने वाले हजारों परिवारों में बाढ़ आने की आशंका से तनाव बना हुआ है।
दो वर्ष पूर्व भी इसी तरह मध्य प्रदेश के नदियों से कई क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जिससे बाढ़ की नौबत आ गई थी। अचानक पानी बढ़ने के कारण जिले के कोन, सीखड़ समेत कई अन्य इलाका प्रभावित हुआ था। ठीक उसी तरह इस बार भी अच्छी बारिश होने के चलते टौंस नदी में पानी बढ़ गया । जिसे यूपी के गंगा में छोड़ा गया है।