भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच 'जल युद्ध' शुरू हो गया है। दिल्ली सरकार ने आरोप लगाया है कि AAP द्वारा शासित पंजाब सरकार दिल्ली-हरियाणा का पानी नहीं छोड़ रही है, जिसके कारण दिल्ली में पीने के जल का संकट पैदा हो रहा है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने कहा है कि दिल्ली-हरियाणा को पंजाब से पानी नहीं मांगना चाहिए। इसकी बजाय उन्हें केंद्र सरकार से पानी मांगना चाहिए और केंद्र सरकार को सिंधु नदी का वह पानी दिल्ली-हरियाणा भेजना चाहिए जो पाकिस्तान जाने से रोका जा रहा है। इस स्थिति के बाद दिल्ली में सियासत का नया दौर शुरू हो गया है।
दिल्ली सरकार के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने गुरुवार को कहा कि पंजाब सरकार गंदी राजनीति पर उतर आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब दिल्ली का पानी रोक रहा है। उन्होंने इसे अलोकतांत्रिक और देश की एकता के विरुद्ध निर्णय बताते हुए कहा कि हरियाणा और दिल्ली का पानी रोकना सीधे-सीधे करोड़ों नागरिकों के जीवन से खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें दिल्ली की जनता ने लोकतांत्रिक रूप से नकार दिया, तो अब वह बदले की भावना से जल संकट पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
वर्मा ने कहा कि गर्मी बढ़ने के कारण दिल्ली में पानी की मांग बढ़ गई है। लेकिन इसी समय पंजाब सरकार जानबूझकर दिल्ली के हिस्से का पानी उसे उपलब्ध नहीं करवा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार दिल्ली के लोगों के लिए पानी का हर संभव इंतजाम कर रही है। पानी राजनीति का विषय नहीं, जीवन का आधार है और इसके साथ किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा।
90 प्रतिशत बाहरी स्रोत पर निर्भर है दिल्ली
दिल्ली को केवल यमुना और अपने जलाशयों से अपनी कुल आवश्यकता का दस फीसदी से भी कम पानी मिलता है। दिल्ली जल के लिए पूरी तरह बाहरी स्रोतों पर निर्भर है। दिल्ली को कुल 936 एमजीडी पानी विभिन्न स्रोतों से मिलता है। इसमें भाखड़ा बांध, यमुना, गंगा और कैरियर लाइन चैनल शामिल हैें। अकेले भाखड़ा बांध से दिल्ली को प्रतिदिन 270 क्यूसेक पानी मिलता है जिससे लगभग 76 लाख लोगों को जल आपूर्ति होती है। लेकिन दिल्ली सरकार का आरोप है कि यह पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। यदि यह जल नहीं मिलता है तो दिल्ली के सामने गंभीर जल संकट पैदा हो सकता है।
आप ने क्या कहा
आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने व्यंगात्मक लहजे में कहा है कि केंद्र सरकार ने सिंधु जल समझौते को रद्द कर दिया है। इसके बाद देश के पास पानी की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि यदि रोके गए पानी का एक प्रतिशत हिस्सा भी दिल्ली को दे दिया जाए तो इससे दिल्ली की आवश्यकता पूरी हो जाती है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार झूठ बोल रही है। दिल्ली को गंगा-यमुना नदी से पानी मिलता है और ये नदियां पंजाब से नहीं निकलती हैं। ऐसे में पंजाब के ऊपर दिल्ली का पानी रोकने का आरोप लगाना सही नहीं है।