लद्दाख के समाज सुधारक सोनम वांगचुक ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील करते हुए कहा है कि लद्दाख को बचा लें, क्योंकि स्टडी में दावा किया गया है कि यहां लगभग दो तिहाई ग्लेशियर विलुप्त होने की कगार पर हैं।
केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग तेज हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने रविवार को एक वीडियो जारी कर केंद्र सरकार से इसे लागू करने की मांग की है। उन्होंने मांग न माने जाने पर अब पांच दिनों के अनशन का भी एलान कर दिया है। यह अनशन गणतंत्र दिवस पर शुरू होगा। वहीं अनशन के एलान के बाद उन्होंने अब इसकी तैयारी भी तेज कर दी है। उन्होंने अनशन से पहले टेस्ट रन का किया है जिसका वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा किया है।
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माइनस 20 डिग्री सेल्सियस पर टेस्ट रन सफल: वांगचुक
वांगचुक ने ट्वीट करते हुए लिखा कि एक टेस्ट रन सफल! माइनस 20 डिग्री सेल्सियस पर सब ठीक है। यह टेस्ट में मैं अपनी छत पर कर रहा हूं। उन्होंने आगे लिखा कि मेरा अनशन खारदुंगला में 18,000 फीट की ऊचाई पर माइनस 40 डिग्री सेल्सियस पर होगा। बता दें कि सोनम वांगचुक के जीवन पर ही '3 इडियट्स' फिल्म बनी है। वांगचुक ने इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी से अपील करते हुए कहा था कि लद्दाख को बचा लें, क्योंकि स्टडी में दावा किया गया है कि यहां लगभग दो तिहाई ग्लेशियर विलुप्त होने की कगार पर हैं। सोनम ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें वे लद्दाख की जनजातियों, उद्योगों और ग्लेशियर की बात कर रहे हैं।
यहां देखें VIDEO...
जिंदा रहा तो फिर मिलूंगा
सोनम ने वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अपील करते हुए कहा कि लद्दाख के बारे में हाई लेवल पर एक्शन लेने की मांग की। उन्होंने कहा- पीएम मोदी से मेरी अपील है कि लद्दाख और अन्य हिमालयी क्षेत्रों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाएं। मैं 26 जनवरी से पांच दिन के अनशन पर बैठ रहा हूं। अगर -40° तापमान वाले खार्दुंगला में अनशन के बाद मैं बच गया तो आपलोगों से फिर मिलूंगा।
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जानें कौन हैं सोनम वांगचुक?
बता दें कि सोनम वांगचुक का जन्म 1966 में हुआ था। वह एक मैकेनिकल इंजीनियर और हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) के निदेशक भी हैं। उन्हें 2018 में मैगसेसे अवॉर्ड मिला था। 2009 की फिल्म थ्री इडियट्स में आमिर खान का रोल पुनसुख वांगडू, वांगचुक के व्यक्तित्व से प्रभावित था। वांगचुक लद्दाख में स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) बनाने के लिए जाने जाते हैं। इसका कैम्प सौर ऊर्जा पर चलता है।