शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष
वसीम रिजवी ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को भंग कर देना चाहिए। यह संस्था देश का माहौल खराब कर रही है। वसीम रिजवी यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि मुस्लिम बोर्ड आतंकवादियों की एक शाखा है। उन्होंने यह सभी बातें एक निजी चैनल से बात करते हुए कहीं।
वसीम रिजवी
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वहीं मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से निकाले गए मौलाना सलमान नदवी ने कहा कि मुझे निकाला नहीं है बल्कि जब हमारी मीटिंग चल रही थी तो मैं वहां से खुद ही उठकर आ गया था। क्योंकि कुछ लोग संगठन में गलत तरीके से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग हिंदू-मुस्लिम को भिड़ाने की बात कर रहे हैं मैं उनके साथ नहीं हूं। नदवी ने कहा कि पूरी कौम मेरे साथ है हम आगे भी श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात करेंगे।
हम उनकी बातों से सहमत हैं। हम भाईचारा चाहते हैं। हमारी अगली मीटिंग अयोध्या में होगी। हम सभी साधू संतों से मिलकर अमन और चैन का रास्ता निकालेंगे। उन्होंने कहा कि हम आगे भी जनता की लड़ाई लड़ते रहेंगे।
सलमान नदवी
बता दें कि सलमान नदवी ने अयोध्या विवाद को कोर्ट से बाहर सुलझाने का फॉर्मूला दिया था। नदवी ने अयोध्या विवाद को सुलझाने के लिए सुझाव दिया था कि मंदिर के लिए मस्जिद को शिफ्ट किया जा सकता है। उनके इस बयान से नाराज बोर्ड ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। जानकारी के मुताबिक नदवी हैदराबाद में चल रही बोर्ड की मीटिंग में उन्हें बाहर करने का फैसला लिया गया।
सलमान नदवी ने कोर्ट के बाहर इस विवाद को सुलझाने की पैरवी की थी। मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि मंडल की तरफ से मौलाना नदवी श्री श्री रविशंकर से मिलने पहुंचे थे। वहां उन्होंने कहा था कि दोनों पक्ष साथ बैठकर फैसला करें। उन्होंने यह भी कहा था कि मस्जिद को वहां से शिफ्ट करके वहां मंदिर बनाया जाना चाहिए।
सलमान को बाहर निकाले जाने के खबर पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य कासिम इलियास ने कहा कि बोर्ड अपने पुराने स्टैंड पर कायम है। मस्जिद न ही हटाई जाएगी और न ही शिफ्ट की जाएगी। सलमान नदवी बोर्ड के स्टैंड से अलग जा रहे थे इसलिए उन्हें बोर्ड से निकाला गया है।
इस बयान के अलावा उनके बोर्ड के साथ रिश्ते भी खटास भरे हो गए थे। हैदराबाद में होने वाली बैठक से पहले उन्होंने कहा था कि बोर्ड पर कुछ लोगों का कब्जा हो चला है। इन लोगों को उन्होंने आरएसएस का एजेंट करार दिया था।