दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना को और मजबूत करने को लेकर काम लगातार जारी है। आधुनिक हथियारों, मिसाइल, हेलीकॉप्टर से लेकर बड़े युद्धपोतों को सेना में शामिल किया जा रहा है। भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को दो सितंबर को ही भारतीय नौसेना को सौंपा गया है। विक्रांत की भव्य कमीशनिंग पर उत्साह अभी खत्म भी नहीं हुआ है और देश 11 सितंबर को भारतीय नौसेना के स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट 'तारागिरी' को लॉन्च करने के लिए तैयार है। लॉन्चिंग इवेंट मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में होगा।
युद्धपोत 'तारागिरी' की खासियत
युद्धपोत 'तारागिरी' 3510 टन वजनी है। तारागिरी को भारतीय नौसेना के इन-हाउस ब्यूरो ऑफ नेवल डिजाइन की ओर से डिजाइन किया गया है। 149 मीटर लंबा और 17.8 मीटर चौड़ा ये जहाज दो गैस टर्बाइन और दो मुख्य डीजल इंजनों के संयोजन से संचालित होगा। इसकी गति 28 समुद्री मील (लगभग 52 किमी प्रति घंटे) से अधिक होगी। आईएनएस तारागिरी का डिस्प्लेसमेंट 6670 टन है। यह मैक्सिमम 59 किमी प्रतिघंटा की गति से समंदर की लहरों को चीरते हुए दौड़ सकता है। इस स्वदेशी युद्धपोत पर 35 अधिकारियों के साथ 150 लोग तैनात किए जा सकते हैं।
किन-किन हथियारों की हो सकती है तैनाती?
स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए इस पोत में अत्याधुनिक हथियार, सेंसर, उन्नत कार्रवाई सूचना प्रणाली, एकीकृत मंच प्रबंधन प्रणाली, विश्वस्तरीय मॉड्यूलर रहने की जगह, बिजली वितरण प्रणाली और कई अन्य उन्नत सुविधाएं होंगी। इसे सतह से सतह पर मार करने वाली सुपरसोनिक मिसाइल प्रणाली से लैस किया गया है। युद्धपोत 'तारागिरी' पर एंटी एयर वॉरफेयर के लिए भविष्य में सर्फेस टू एयर में मार करने वाली 32 बराक 8 ईआर या फिर भारत का सीक्रेट हथियार VLSRSAM मिसाइलें तैनात की जा सकती हैं। इस पर ब्रह्मोस मिसाइल की भी तैनाती की जा सकती है. इस युद्धपोत में एंटी-सबमरीन वॉरफेयर के लिए दो ट्रिपल टॉरपीडो ट्यूब्स हैं। हेलिकॉप्टर के लिए एनक्लोज्ड हैंगर भी हैं, जिसमें दो मल्टी रोल हेलीकॉप्टर रखे जा सकते हैं। इस युद्धपोत में एक 76 मिमी की ओटीओ (OTO) मेलारा नेवल गन के अलावा 2 एके-630 M CIWS गन लगाई जाएंगी।