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लगातार गर्म हो रही धरती: इतिहास का सबसे गर्म अक्तूबर था इस साल, वैश्विक तापमान खतरनाक स्तर पर

Sun, 08 Nov 2026 08:02 AM IST
ज्योति भास्कर अमर उजाला नेटवर्क।
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वैश्विक तापमान खतरनाक स्तर पर (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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धरती का तापमान ऐसे स्तर पर पहुंच रहा है, जहां हर महीना जलवायु परिवर्तन की गंभीरता का एक और प्रमाण बनता जा रहा है। पिछला महीना इतिहास का सबसे गर्म अक्तूबर दर्ज किया गया। इस दौरान वैश्विक औसत सतही तापमान औद्योगिक काल से पहले के स्तर की तुलना में 1.75 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।

अक्तूबर में धरती का औसत सतही तापमान

लगातार तीसरे महीने तापमान 1.5 डिग्री की अहम सीमा से ऊपर बना हुआ है। यूरोपीय संघ की कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस और यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट्स के आंकड़े वैश्विक तापमान में इस असामान्य बढ़ोतरी की पुष्टि करते हैं। इनके मुताबिक अक्तूबर में धरती का औसत सतही तापमान 15.35 डिग्री सेल्सियस रहा जो 1991-2020 के औसत से 0.90 डिग्री अधिक है। इसने अक्तूबर 2023 के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।

2026 के दूसरा सबसे गर्म साल बनने के आसार

जनवरी से अक्तूबर तक के तापमान के आधार पर 2026 अब तक का दूसरा सबसे गर्म साल है। वैज्ञानिकों के सांख्यिकीय मॉडल के अनुसार पूरे वर्ष का औसत तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1.56 से 1.61 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है।

रिकॉर्ड को बराबर करने या उससे आगे निकलने की आशंका

वर्ष 2026 के दूसरा सबसे गर्म साल बनने की संभावना 80% आंकी गई है। इसके 2024 के रिकॉर्ड को बराबर करने या उससे आगे निकलने की आशंका लगभग 20% है। चिंता इसलिए भी बढ़ गई है कि 2023 से 2025 के बीच का औसत तापमान भी 1.5 डिग्री से अधिक रहा है।

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