फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गलवां में शहीद हुए जवानों के नाम पर होंगे देश के सबसे बड़े कोविड अस्पताल के वार्ड के नाम

Fri, 03 Jul 2020 10:43 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

भारत और चीन के बीच बढ़े तनाव के बीच डीआरडीओ ने 15 जून की रात गलवां घाटी में चीन के साथ हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को सम्मान देने के लिए अलग तरीका निकाला है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने दिल्ली में स्थित नए सरदार वल्लभभाई पटेल कोविड-19 अस्पताल के विभिन्न वार्डों का नाम शहीद हुए भारतीय जवानों के नाम पर रखने का फैसला किया है। 

विज्ञापन


डीआरडीओ चेयरमैन के टेक्नोलॉजी सलाहकार संजीव जोशी ने कहा, 15 जून को गलवां घाटी में हुए हिंसक टकराव में शहीद होने वाले भारतीय सेना के जवानों के सम्मान में डीआरडीओ ने सरदार वल्लभभाई पटेल कोविड-19 अस्पताल के विभिन्न वार्डों के नाम शहीदों के नाम पर रखने का फैसला किया है। 

दिल्ली में स्थित देश का यह सबसे बड़ा कोविड-19 केयर सेंटर छतरपुर में राधा स्वामी सत्संग परिसर में तैयार किया गया है। दिल्ली-हरियाणा सीमा पर स्थित इस अस्पताल में एक साथ 10 हजार कोरोना मरीजों को भर्ती करने और उनका इलाज करने की क्षमता है। इस अस्पताल को चिकिस्तकों के साथ दो हजार से ज्यादा आईटीबीपी जवान और अन्य अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल संचालित कर रहे हैं। 
विज्ञापन


डीआरडीओ ने यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुक्रवार को लद्दाख यात्रा के बाद लिया है। अचानक लद्दाख पहुंचे प्रधानमंत्री ने यहां लेह में सेना के जवानों से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने इस दौरान चीन को कड़े शब्दों में संदेश दिया कि भारत किसी भी स्थिति में झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी मंशा विश्व शांति की है, लेकिन इसके दम पर हमें कोई झुका नहीं सकता है।  

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें