केरल विधानसभा में गुरुवार को राज्य में ड्रग माफिया को कथित ‘राजनीतिक संरक्षण’ देने का मुद्दा जमकर गूंजा। इसे लेकर सत्तारूढ़ एलडीएफ और विपक्षी यूडीएफ के विधायकों के बीच जोरदार जुबानी जंग हुई। इसके बाद जब विधानसभा अध्यक्ष ए एन शमसीर ने शून्यकाल के दौरान मामले को चर्चा के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया तो कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने इसका विरोध में वॉकआुट किया।
कांग्रेस के मैथ्यू कुझलनादन ने लगाए आरोप
ड्रग माफिया को कथित 'राजनीतिक संरक्षण' देने पर रोक के प्रस्ताव के लिए अनुमति मांगने के दौरान कांग्रेस के मैथ्यू कुझलनादन ने अलाप्पुझा जिले में हाल ही में हुई प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बरामदगी के बारे में बताया। गौरतलब है कि अलाप्पुझा जिले में हाल ही में एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद जब्त की गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ माकपा के स्थानीय नेता भी इस मामले में शामिल थे। इसलिए सत्तापक्षी मामले की जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। सत्तारूढ़ मोर्चे के खिलाफ तीखा हमला करते हुए, कुझलनादन ने यहां तक आरोप लगाया कि मार्क्सवादी पार्टी के नेताओं का एक वर्ग ड्रग माफिया से मिले धन के कारण पार्टी के उच्च पदों की सीढ़ियां चढ़ रहा है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सीपीआई (एम), एसएफआई और डीवाईएफआई के कई नेताओं को हाल ही में केरल में ड्रग मामलों में आरोपी के रूप में पकड़ा गया था। लेकिन यह किसी से छिपा नहीं है कि सरकार उन्हें सभी समर्थन और संरक्षण दे रही थी।
आबकारी मंत्री ने दी यह दलील
आबकारी मंत्री एम बी राजेश ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अलाप्पुझा के करुनागपल्ली में प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की जब्ती के मामले में पार्टी के स्थानीय नेता को आरोपी बनाने के लिए कोई सबूत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में एलडीएफ सरकार किसी भी मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी या आरोपियों को बचाने के लिए जांचकर्ताओं को प्रभावित नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने किया पलटवार
इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता के आरोपों पर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस विधायक को याद दिलाते हुए कहा कि हर चीज की एक सीमा होनी चाहिए। सीएम विजयन ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि क्या आपको लगता है कि आप यहां कोई हास्यास्पद बातें कह सकते हैं? सदन को माकपा जैसी पार्टी के खिलाफ कुछ भी कहने का मंच नहीं बनाया जा सकता है। हर चीज की एक सीमा होनी चाहिए।
विपक्ष के नेता वी डी सतीसन बोले- हमारे पास सबूत हैं
वहीं, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीसन ने सीएम के संबोधन के दौरान हस्तक्षेप करते हुए कहा कि पार्टी विधायक ने पर्याप्त सबूतों के आधार पर सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं के खिलाफ आरोप लगाए। सतीशन ने सीपीआई (एम) से ड्रग माफिया को कथित राजनीतिक संरक्षण देना बंद करने का आग्रह करते हुए कहा कि सरकार राज्य में नशीले पदार्थों के व्यापार में शामिल असली माफियाओं को गिरफ्तार करे।
सतीसन ने यह भी कहा कि विपक्ष सरकार के नशा विरोधी अभियान का समर्थन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकार का एक बहाना है।