नए वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के पारित होने के बाद कई राजनीतिक दलों, एनजीओ और लोगों ने इसे चुनौती दी। सर्वोच्च न्यायालय की ओर से इसके कुछ महत्वपूर्ण प्रावधानों पर रोक लगाने के साथ इस कानूनी लड़ाई ने एक दिलचस्प मोड़ ले लिया है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि कानून के लागू होने से लेकर सर्वोच्च न्यायालय के अंतरिम फैसले तक के घटनाक्रमों पूरी टाइमलाइन...
3 अप्रैल
Waqf Board
- फोटो : अमर उजाला
लोकसभा ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पारित किया।
4 अप्रैल
राज्यसभा ने विधेयक पारित किया।
5 अप्रैल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विधेयक को मंजूरी दी।
अप्रैल 2025
आप नेता अमानतुल्लाह खान ने विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। कई अन्य लोगों ने भी शीर्ष अदालत का रुख किया। असदुद्दीन ओवैसी, मोहम्मद जावेद, AIMPLB और अन्य ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
17 अप्रैल
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : एएनआई
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं पर सुनवाई की और याचिकाओं को 'वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के संबंध में' नाम दिया। सरकार की ओर से 'उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ' या 'दस्तावेज द्वारा वक्फ' संपत्तियों को इस बीच गैर-अधिसूचित नहीं किए जाने का आश्वासन दिए जाने के बाद पीठ ने केंद्र को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया।
25 अप्रैल
केंद्र ने याचिकाओं को खारिज करने की मांग की और कहा कि कानून पर पूर्ण रोक नहीं लगाई जा सकती।
29 अप्रैल
सुप्रीम कोर्ट ने कानून के खिलाफ नई याचिकाओं पर विचार करने से इनकार कर दिया।
5 मई
सुप्रीम कोर्ट (फाइल)
- फोटो : ANI
तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने कहा कि इस मामले पर उनके उत्तराधिकारी न्यायमूर्ति बी. आर. गवई 15 मई को विचार करेंगे।
15 मई
मुख्य न्यायाधीश गवई ने अंतरिम राहत के मुद्दे पर 20 मई को सुनवाई की तारीख तय की।
20-22 मई
20-22 मई
सर्वोच्च न्यायालय ने याचिकाओं पर सुनवाई की और फैसला सुरक्षित रखा।
15 सितंबर
Supreme Court
- फोटो : Amar Ujala
मुख्य न्यायाधीश गवई की अगुवाई वाली पीठ ने अंतरिम आदेश पारित किया। प्रमुख प्रावधानों पर रोक लगाते हुए शीर्ष अदालत ने कानून पर पूरी तरह से रोक लगाने से इनकार कर दिया और कहा कि इसके पक्ष में संवैधानिकता की पूर्वधारणा है।