वक्फ कानून को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि भारत में दुनिया की सबसे ज्यादा वक्फ संपत्तियां हैं, करीब 9.72 लाख, लेकिन इनका सही इस्तेमाल नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि इस कानून से अब गरीब मुसलमानों को फायदा पहुंचेगा। साथ ही वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग पर भी रोक लगेगी।
नए वक्फ कानून को लेकर देश में जारी सियासी घमासान के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को इसके फायदे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस कानून का मकसद गरीब मुसलमानों को फायदा पहुंचाना और वक्फ संपत्तियों की लूट व दुरुपयोग को रोकना है।
भारत में दुनिया की सबसे ज्यादा वक्फ संपत्तियां
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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि भारत में दुनिया की सबसे ज्यादा वक्फ संपत्तियां हैं, करीब 9.72 लाख, लेकिन इनका सही इस्तेमाल नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतवर लोग इन संपत्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं, जबकि इनका उपयोग मुस्लिम समुदाय के कल्याण के लिए होना चाहिए।
रिजिजू ने आगे बताया कि इस विधेयक में जो बदलाव किए गए हैं, वो पुरानी रिपोर्ट्स जैसे सच्चर समिति और के. रहमान खान समिति की सिफारिशों के आधार पर किए गए हैं। इन रिपोर्ट्स में भी वक्फ संपत्तियों के पारदर्शी और जवाबदेह प्रबंधन की बात कही गई थी।
देश के हर जमीन का हो सही इस्तेमाल
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इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जोर दिया कि देश की हर इंच जमीन का सही इस्तेमाल होना चाहिए और इसमें विवाद नहीं होना चाहिए। गौरतलब है कि वक्फ (संशोधन) विधेयक 3 और 4 अप्रैल को लोकसभा और राज्यसभा में पास हुआ था और 5 अप्रैल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन गया है। इसके बाद से ही विपक्ष और कुछ मुस्लिम लीग द्वारा इस कानून का पुरजोर विरोध किया जा रहा है।
कानून के विरोध में दर्जनों याचिका
वहीं मामले में बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट में कुल मिलाकर दर्जन से ज्यादा याचिकाएं सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई हैं। इनमें एसोसिएशन फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स, अरशद मदनी, समस्त केरल जमीयतुल उलेमा, अंजुम कादरी, तैय्यब खान सलमानी, मोहम्मद शफी, मोहम्मद फजलुर्रहीम और राजद नेता मनोज झा जैसे नाम शामिल हैं। कुछ याचिकाएं अभी रजिस्ट्री में लंबित हैं और उन्हें भी जल्द ही सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।