उज्जैन विस्फोट से पहले आतंकवादी यूपी के बारबांकी में प्रसिद्ध दरगाह, लखनऊ इमामबाड़ा और एक प्रसिद्ध मौलवी पर हमला करना चाहता थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के सूत्रों ने बताया कि मध्य प्रदेश से गिरफ्तार तीनों आतंकवादी हुसैन, दानिश और आतिफ और लखनऊ में मारा गया सैफुल्ला फरवरी के पहले हफ्ते में बाराबंकी दरगाह का दौरा किया था और आतिफ और डेनिश ने मोबाइल फोन में मजार की तस्वीरें लीं थी।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किए गए तीनों आतंकियों ने NIA को बताया है कि हमलोगों ने पहले उत्तर प्रदेश में हमला करने की योजना बनाई थी। बाराबंकी में दरागाह, लखनऊ में बाड इमामबाड़ा और एक प्रसिद्ध शिया मौलवी निशाने पर थे।
आधिकारिक सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि बम विस्फोट के कुछ घंटे के बाद होशंगाबाद जिले के पिपरिया से गिरफ्तार तीनों आतंकियों में से एक सईद मीर हुसैन ने NIA को पूछताछ में बताया कि बाराबांकी में वारिस अली शाह के दरगाह पर हमला करना चाहते थे, लेकिन वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के बाद इस विचार से पीछे हटना पड़ा। इसके अलावा उनके हिट-लिस्ट में लखनऊ में बाड़ा इमामबाड़ा और शिया मौलवी मौलाना सलमान हुसैनी नदवी भी टारगेट पर थे। पूछताछ में आतंकियों ने बताया कि मौलवी के घर की रेकी भी की थी। रेकी के दौरान उन्होंने उसके घर और दो गाड़ियों बोलेरो और स्कोडा की तस्वीरें भी ली थी।
गौरतलब है कि एनआईए की टीम ने इस पूरे मामले में 7 संदिग्धों को हिरासत में लिया था, जिसमें से तीनों लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। तीनों आतंकी आजतक तक एनआईए की हिरासत में हैं।