तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन
- फोटो : एएनआई (फाइल)
राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि राज्यसभा में संविधान पर बहस और संसद सही तरीके से चले। उन्होंने यह भी कहा कि यह बहस तभी हो पाएगी, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद संसद की कार्यवाही में बाधा न डालें। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले हफ्ते राज्यसभा में कई बार चर्चा स्थगित हुई। विपक्ष, सरकार और सभापति के बीच तीखी बहसें हुईं। यह भाजपा की वजह से हुआ।
ब्रायन ने कहा, हम चाहते हैं कि संसद चले और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो। उन्होंने कहा, अगर भाजपा फिर से सदन की कार्यवाही में बाधा नहीं डालनेगी तो हमारी पार्टी संविधान पर चर्चा करने के लिए तैयार है। हम सरकार को बेनकाब करेंगे। टीएमसी सांसद की यह टिप्पणी तब सामने आई है, जब सोमवार को राज्यसभा में सविधान की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर चर्चा होनी है। वहीं, विपक्षी दलों ने उप राष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। इसके लिए विपक्षी दलों ने पहले ही नोटिस भी पेश कर दिए हैं।
अदाणी मुद्दा, सोरोस विवाद और अविश्वास प्रस्ताव के कारण पिछले हफ्ते संसद की कार्यवाही में कई बार बाधा पैदा हुई। इन मुद्दों पर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहसें हुईं, जिसके कारण कई बार चर्चा को स्थगित करना पड़ा। इन गतिरोधों के कारण संसद की कार्यवाही सही ढंग से नहीं चल पाई और विपक्ष ने सरकार पर जानबूझकर बाधा डालने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
ओ' ब्रायन ने कहा, हम 10-11 सांसदों को संविधान पर चर्चा करने के लिए तैयार कर रहे हैं, जो 3-4 मिनट के लिए अपने विचार रखेंगे। यह हमारी पार्टी में विविधता को भी दर्शाएगा। तृणमूल कांग्रेस के सांसद संविधान की प्रस्तावना से जुड़े दस प्रमुख शब्दों पर चर्चा करेंगे और इन शब्जों के जरिए संविधान की मूल भावना पर फोकस करेंगे। हालांकि, टीएमसी सांसद सुखेंदू शेखर राय को पार्टी ने किनारे किया हुआ है, क्योंकि उन्होंने आरजी कर मामले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी की आलोचना की थी।
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