चाहे बच्चों के पासपोर्ट चाहिए या विदेश में किसी मुश्किल में फंसे हैं। बस एक ट्वीट करिए। मदद हाजिर होगी। जी हां, रेल मंत्रालय, दिल्ली पुलिस, मुंबई पुलिस और यूपी पुलिस के बाद अब विदेश मंत्रालय ने ट्विटर सेवा लांच की है। इसके जरिये कोई भी व्यक्ति विदेश मंत्रालय और क्षेत्रीय पासपोर्ट केंद्रों को ट्वीट कर तत्काल मदद हासिल कर सकता है।
विदेश मंत्रालय ने डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर के साथ मिलकर शुक्रवार को ट्विटर सेवा लांच की है। इसके जरिये विदेश या यहां पर रह रहे भारतीयों, पर्यटकों और बिजनेस यात्रा करने वालों की पासपोर्ट और वीजा समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाएगा। साथ ही, अगर विदेश में प्रवासी कामगारों को वेतन नहीं दिया जा रहा है या किसी का शव विदेश से लाना है तो ट्वीट कर मदद मांग सकते हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट कर बताया कि विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने पासपोर्ट और वाणिज्य दूतावास संबंधी सेवाओं के लिए यह ट्विटर सेवा शुरू की है। इससे भारत के विदेशों में स्थित दूतावास और उच्चायोग के 198 ट्विटर अकाउंट और देश में स्थित 29 क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों से मदद मांगी जा सकेगी। इस सेवा के तहत मदद पाने के लिए भारतीय और विदेशी नागरिकों को विदेश मंत्रालय के संबंधित अकाउंट पर ट्वीट कर अपनी समस्या बतानी होगी। इसके बाद उनकी समस्या का तत्काल और पारदर्शी तरीके से समाधान होगा।
बता दें कि हर साल जौनपुर, आजमगढ़, वाराणसी, भदोही समेत पूरे पूर्वांचल से बड़ी संख्या में लोग खाड़ी के देशों में काम करने जाते हैं। यहां कई बार उन्हें कंपनियां सही वेतन नहीं देती हैं या उनका पासपोर्ट रख लेती हैं। ऐसी दशा में भारतीय कामगार विदेश मंत्रालय के खाड़ी देशों में स्थित दूतावासों और विदेश मंत्रालय के ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर मदद हासिल कर सकते हैं। लखनऊ क्षेत्रीय पासपोर्ट केंद्र का ट्विटर हैंडल है- @rpolucknow । वहीं विदेश मंत्रालय का ट्विटर हैंडल @MEAIndia है।