अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) केटी परनायक ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश एक संवेदनशील राज्य है। सीमा के पार जिस तरह की कार्रवाई चल रही है, हमें सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा, हमारी फौज किसी भी चुनौति से निपटने सक्षम है। उन्होंने कहा, इतने आसानी से हम जमीन का कोई हिस्सा लेने नहीं देंगे। जिन इलाकों में वे पहले से बसे हैं, अब आने वाला वक्त ही बताएगा कि इसको कैसे सुलझाया जाएगा। उन्होंने यह बात यहां भारत-चीन युद्ध की 62वीं वर्षगांठ के मौके पर वालोंग शहीद स्मारक में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कही।
श्रद्धांजलि समारोह में पूर्वी सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय लोग मौजूद थे। इस दौरान युद्ध में भाग लेने वाले वीर योद्धाओं और सेना का सहयोग करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया।राज्यपाल ने कहा, यहां के युवा जज्बे वाले हैं। यह संवेदनशील इलाका है। यहां पर मुश्किलात आ सकती हैं। मानसिक तौर से और शारीरिक तौर से उनको तैयार रहना चाहिए। अगर कोई यहां पर दिक्कत होती है तो फौज के साथ मिल कर वो काम करेंगे। जिस तरह से हमने वालोंग में लड़ाई लड़ी। उससे भी बड़ा उनको नुकसान पहुंचाएंगे। राज्यपाल ने देश वासियों को आश्वस्त किया कि पूर्वी कमान यहां पर तैनात है। वे अत्याधुनिक उपकरणों और आधुनिक हथियारों से लैस हैं। इस इलाके की रक्षा करने के लिए वे पूरी तरह से सक्षम हैं।
हमने बना ली है रणनीति
हमने चीन के साथ जितने भी समझौते किए हैं, वह सीमा रेखा को अंकित करने को तैयार नहीं है। इसके पीछे उसका उद्देश्य विस्तारवादी है। इसलिए वह इसे मानने को तैयार नहीं है। पूरे देश के लोग इस बात को जानते हैं। इसी के चलते यह विवाद हमेशा खड़ा होता है। लद्दाख, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में कई जगह खुले इलाके हैं। इसके लिए भी हमने रणनीति बना ली है। इतने आसानी से हम जमीन का कोई हिस्सा लेने नहीं देंगे। जिन इलाकों में वे पहले से बसे हैं, अब आने वाला वक्त ही बताएगा कि इसको कैसे सुलझाया जाएगा।
तरक्की के रास्ते पर चल पड़ा अरुणाचल
राज्यपाल ने कहा, अरुणाचल प्रदेश आज की तारीख में तरक्की पर है। पिछले कुछ वर्षों में जो बदलाव आए हैं, वे प्रेरणादायक हैं। इसके चलते अरुणाचल प्रदेश के लोगों को वह सभी सुविधाएं मिलने लगी हैं, जो अन्य राज्यों को पहले से मिल रहे थे। सड़के बन गई हैं, दूर संचार की सुविधाएं आ गई हैं। देश वासियों के लिए मैं यह कहता हूं कि उत्तर पूर्व आज देश का केंद्र बन रहा है। इतने सालों से यहां के दूर-दराज के इलाकों में के बारे में कम जानकारी होती थी। लेकिन आज जिस तरह से हमारी सरकार ने उत्तर-पूर्व पर ध्यान केंद्रित किया है। आज सभी यहां आकर इसे देखना चाहते हैं कि यहां पर कैसे काम हो रहा है जानना और देखना चाहते हैं।
भारत का अभिन्न अंग है उत्तर-पूर्व
राज्यपाल ने कहा, मैं देश के युवाओं को यही कहूंगा, उत्तर पूर्व भारत का अभिन्न अंग है। यहां के लोग हमारे हैं। हमारे साथ के हैं। आप इनको वही दर्जा दीजिए, जो अन्य लोगों को देते हैं। भाई-चारा इनमें इतना है कि ये आपका दिल जीत लेंगे। यहां जरूर आइए, इन इलाकों को समझिए और जानिए। लड़ाई के समय में यहां पर हमारे सेना ने किस किस्म के करतब दिखाए।
देशवासियों को मिलेगी वालोंग युद्ध की सारी जानकारी
एक सवाल के जवाब में राज्यपाल ने कहा, वालोंग युद्ध को लेकर आम भारतियों में जानकारी कम है। यह सत्य है, लेकिन इस पर हम काम कर रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश में लड़ाई विपरीत परिस्थितियों में लड़ी गई। चीनी सेना हमारे कुछ क्षेत्र में घुस आए। लोगों को लगता है कि हम युद्ध हार गए। लेकिन हम भागे नहीं। हम डटे रहे। हमने बलिदान दिया। राज्य सरकार प्रयास कर रही है कि इसकी जानकारी भी देश वासियों मिले। हम इसे जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। पूर्व कमान ने भी इसी तरह का आश्वासन दिया है। इसमें जो लड़ाइयां लड़ी गई उसकी जानकारी होगी। जो लड़ाइयां हमने आजादी के बाद लड़ी है। उनके प्रति हमें सम्मान रखना चाहिए। आने वाले कल के लिए हमे सदैव तैयार रहना चाहिए। अंजॉ और वालोंग के लोगों से यह कहना चाहता हूं कि आपने जो सहयोग हमारी सेनाओं को दी है, वह सराहनीय है।