मुंबई की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को गैंगस्टर इकबाल मिर्ची से जुडे़ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कपिल वधावन को जमानत दे दी। वधावन को मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून के तहत प्रवर्तन निदेशालय ने 27 जनवरी को गिरफ्तार किया था। इकबाल मिर्ची अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम का दाहिना हाथ था और उसकी 2013 में लंदन में मौत हो गई थी।
वधावन ने मिर्ची से किसी तरह के लेनदेन में शामिल नहीं होने का दावा करते हुए विशेष जज पी राजवैद्य की अदालत में जमानत अर्जी दी थी। वधावन की अपील पर सुनवाई के दौरान उनके वकील अमित देसाई ने डीएफएफएल के उन लेनदेन का लेखा जोखा कोर्ट के समक्ष रखा जिसके आधार पर ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था। देसाई ने कहा, इनका मिर्ची से कोई लेना देना नहीं है। इस दौरान ईडी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि वधावन जांच को प्रभावित कर सकते हैं।
ईडी ने वधावन पर मिर्ची के साथ अवैध सौदे के लिये बड़ी राशि के शोधन में अहम भूमिका निभाने का आरोप लगाया था। ईडी के मुताबिक डीएचएफएल ने एक लाख फर्जी ग्राहकों को कर्ज देने के नाम पर 12773 करोड़ रुपये की हेराफेरी की थी। ईडी का आरोप है कि इस राशि का बड़ा हिस्सा मिर्ची को दिया गया था।
गैंगस्टर इकबाल मिर्ची की 2013 में लंदन में मौत हो गई थी। मुंबई में मिर्ची की संपत्ति को सबलिंक रियल एस्टेट लिमिटेड को बेचा गया। यह वधावन के भाई कपिल और धीरज की ही कंपनियां हैं।