EVM पर राजनीतिक दलों की आलोचना सहने वाला चुनाव आयोग VVPAT तकनीक के इस्तेमाल की तैयारी कर रहा है। चुनाव आयोग का कहना है कि VVPAT के इस्तेमाल से चुनाव नतीजों में 3 घंटे की देरी होगी।
चुनाव आयोग बहुत जल्द VVPAT के इस्तेमाल के लिए गाइडलाइंस जारी कर सकता है। जिससे इस साल के आखिरी में गुजरात और हिमाचल में होने वाले चुनाव में इसकी शुरूआत की जा सके। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि हमने नियमों में संशोधन नहीं करने का फैसला किया है क्योंकि इससे प्रक्रिया में बहुत अधिक समय लगेगा।
गौरतलब है कि देश में EVM और VVPAT मशीनों का निर्माण इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड करती हैं। VVPAT एक तरह का प्रिंटर है, जिसे EVM से जोड़ा जाता है। इससे वोटिंग के बाद संबंधित पार्टी के चुनाव चिह्न की एक पर्ची निकलती है, जिसे देखकर वोटर यह जान सकता है कि उसने जिसे वोट दिया है, वोट उसे मिला है या नहीं। मतदाता को पर्ची देखने के लिए 7 सेकेंड का समय मिलता है, इसके बाद यह पर्ची एक डिब्बे में जमा हो जाती है।