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वीवीआईपी हेलिकॉप्टर मामला : ईडी ने दाखिल किया 9वां पूरक आरोप पत्र

Wed, 31 Mar 2021 04:06 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

  • अदालत ने जारी किए नए आरोप पत्र में आरोपी बनाए गए अनूप गुप्ता व अन्य को समन
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सांकेतिक तस्वीर.... - फोटो : social media
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विस्तार
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माननीयों के लिए 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों के खरीद सौदे से जुड़े अगस्तावेस्टलैंड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने मंगलवार को 9वां पूरक आरोप पत्र दाखिल किया। ईडी ने इसमें उद्योगपति अनूप गुप्ता समेत कई अन्य को नए आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है। अदालत ने इन सभी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मानते हुए उन्हें 5 मई को पेश करने का समन जारी किया है।

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विशेष जज अरविंद कुमार ने कहा, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से पेश सबूत आरोपियों अनूप गुप्ता, अनुराग पोटदार, मैसर्स केआरबीएल डीएमसीसी व मैसर्स केआरबीएल लिमिटेड को प्रथम दृष्टया इस मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल दिखा रहे हैं।

उन्होंने इन सभी को 5 मई को पेश किए जाने का निर्देश दिया। अनूप गुप्ता फिलहाल तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में बंद है। अदालत ने समन जारी करने के बाद अनूप गुप्ता की जमानत याचिका पर सुनवाई बृहस्पतिवार तक स्थगित कर दी।
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इससे पहले ईडी ने अदालत में जारी आरोप पत्र में दावा किया था कि अगस्तावेस्टलैंड इंटरनेशनल लिमिटेड ने 7 करोड़ यूरो (करीब 602 करोड़ रुपये) की दो चैनलों के जरिये मनी लॉन्ड्रिंग की थी।

इस पैसे का उपयोग 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों की सप्लाई का 3600 करोड़ रुपये का अनुबंध पाने के लिए विभिन्न राजनेताओं, नौकरशाहों, वायुसेना अधिकारियों व अन्य को साल 2008 से 2010 के बीच रिश्वत देने के तौर पर किया गया।

ईडी का कहना है कि 17 दिसंबर, 2020 को उसे मिले दस्तावेजों के हिसाब से आरोपी अनूप और अनुराग मनी लॉन्ड्रिंग में उपयोग की गई कंपनी के वित्तीय लेनदेन संभालते थे।

बता दें कि कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के समय किया गया इन हेलिकॉप्टर की खरीद का सौदा 2014 में भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने रद्द कर दिया था।

तिहाड़ जेल सुपरिटेंडेंट को कारण बताओ नोटिस
सुनवाई के दौरान अदालत ने अनूप गुप्ता की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी के निर्देश के बावजूद उसे अदालत लेकर आने को तिहाड़ जेल प्रशासन को फटकार लगाई।

जज कुमार ने कहा, यह समझना मुश्किल है कि जेल अधिकारियों ने आरोपी को अदालत कक्ष में क्यों पेश किया, जबकि कोविड-19 महामारी के मामले बढ़ रहे हैं।

आरोपी के स्वास्थ्य को देखते हुए अदालत की तरफ से उसे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश होने की मंजूरी देने के बावजूद ऐसा किया गया। जज कुमार ने तिहाड़ जेल के सुपरिटेंडेंट को इसके लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया।

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