अदालत ने वीवीआईपी चॉपर डील से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में आरोपी कारोबारी व मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी के सरेंडर की अर्जी पर प्रवर्तन निदेशालय व आरोपी की दलीलें सुनने के बाद बुधवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। फिलहाल वह 354 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में छह दिन के रिमांड पर है।
राउज एवेन्यू अदालत के विशेष सीबीआई जज अरविंद कुमार ने रतुल पुरी की अर्जी पर सुनवाई के बाद फैसला बृहस्पतिवार तक सुरक्षित रख लिया। पुरी की ओर से जिरह करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने कानूनी प्रावधानों व कई पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि रतुल पुरी का प्रोडक्शन वारंट जारी कर उसे वीवीआईपी चॉपर डील मनी लांड्रिंग मामले में सरेंडर की अनुमति प्रदान की जाए।
वहीं दूसरी ओर पुरी की अर्जी का विरोध करते हुए ईडी के विशेष अधिवक्ता डीपी सिंह व एनके माटा ने कहा कि पुरी फिलहाल बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी के रिमांड पर है और उसका रिमांड अन्य कोर्ट ने दिया है। इसलिए जब तक उसकी रिमांड खत्म नहीं हो जाती तब तक उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। इसलिए उसके सरेंडर करने का फिलहाल कोई सवाल ही नहीं उठता क्योंकि वह पहले से हिरासत में है।
निचली अदालत ने पुरी के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट रद्द करने से 21 अगस्त को इनकार कर दिया था। अदालत ने उसके खिलाफ नौ अगस्त को वारंट जारी किया था। अदालत ने इससे पहले छह अगस्त को उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उच्च न्यायालय ने भी 20 अगस्त को उसकी याचिका खारिज कर दी थी।