अदालत ने 3600 करोड़ के वीवीआईपी चौपर डील दलाली केस में आरोपी बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को एकांत कारावास से निकालकर सामान्य सेल में भेजने का निर्देश तिहाड़ जेल महानिदेशक (डीजी) को दिया है। अदालत ने मिशेल की सुरक्षा चाक-चौबंद रखने और तीन दिन के भीतर इसकी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश जेल डीजी दिया है।
पटियाला हाउस अदालत के विशेष सीबीआई जज अरविंद कुमार ने तिहाड़ जेल से मंगाई पांच दिन की सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद कहा कि जिस ब्लॉक में मिशेल को रखा गया है, उसमें पांच सेल हैं। इनमें से चार सेल खाली हैं और एक में केवल मिशेल को रखा गया है। यह एकांत कारावास से भी ज्यादा है। एकांत कारावास एक सजा है, जो कैदी को मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान करती है।
इसलिएमिशेल को सामान्य सेल में रखा जाए, लेकिन उसकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। उसे जिस सेल में रखा जाए, वहां की दो माह की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखी जाए। अदालत ने इससे पहले भी कई बार मिशेल को शिफ्ट करने का निर्देश दिया था।
अदालत के समक्ष मिशेल की ओर से आवेदन दायर कर उसके वकील एलजो के जोसेफ और विष्णु शंकर ने कहा था कि उनके मुवक्किल को एकांत कारावास में रखा जा रहा है। इससे पहले उसके वकीलों ने कहा था कि उसे छोटा राजन, शहाबुद्दीन और कश्मीरी आतंकियों केे साथ रखा जा रहा है।
इसके अलावा, उसे कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। उसे किसी अन्य कैदी से बातचीत नहीं करने दी जा रही है। इसलिए मिशेल को अति सुरक्षा वाली के बजाय सामान्य जेल में रखने का निर्देश दिया जाए। वह पहले भी 70 दिन तक सामान्य जेल में था।