36 सौ करोड़ के वीवीआईपी चॉपर डील मामले में आरोपी ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल जेम्स यूके में अपने परिवार को फोन करने के बजाय इटली में अपने कानूनी सलाहकारों को फोन कर रहा है। तिहाड़ जेल प्रशासन ने मिशेल जेम्स को हर सप्ताह 15 मिनट के लिए विदेश में अपने परिजनों से बात करने की सुविधा को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए रखा है। जेल प्रशासन का तर्क है कि यह सुविधा जेल नियमों के विरुद्घ है। निचली अदालत ने मिशेल को न्यायिक हिरासत में भेजने के समय यह सुविधा प्रदान की थी।
न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने जेल प्रशासन की याचिका पर सीबीआई और मिशेल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस याचिका में कहा गया है कि निचली अदालत ने विदेश में बात करने की सुविधा प्रदान करते हुए हालात का पूरी तरह जायजा नहीं लिया।
याचिका पर तिहाड़ जेल का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता अवि सिंह ने कहा कि जेल मैन्युअल के मुताबिक एक कैदी हर सप्ताह केवल 10 मिनट की फोन पर अपने परिवार से बात कर सकता है। विदेशी कैदी केवल अपने देश में ही अपने परिजनों से बात कर सकता है, लेकिन क्रिश्चिन मिशेल के कॉल रिकॉर्ड के मुताबिक वह ज्यादातर इटली फोन कर अपने कानूनी सलाहकारों से बात करता है, जबकि उसका परिवार यूके में रहता है।
कोर्ट ने मिशेल को पेश करने का आदेश देते हुए सुनवाई के लिए 22 अप्रैल की तारीख तय की है। 36 सौ करोड़ के वीवीआईपी डील मामले में मिशेल को दुबई को चार दिसंबर को निवार्सित किए जाने के बाद गिरफ्तार किया था। उस पर अन्य दो विदेशी बिचौलियों गीडो हशके व कार्लो गेरुसा के साथ घूस खाने का आरोप है। एजेंसी का आरोप है कि मिशेल ने इस डील में 225 करोड़ की घूस खाई थी।