असम, केरल और पुदचेरी में आज विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहे हैं। इसके साथ ही तीन राज्यों की चार सीट पर विधानसभा उपचुनाव के लिए भी मतदान जारी है। जिसमें कर्नाटक की दो सीट, त्रिपुरा और नगालैंड की एक-एक सीट शामिल हैं।
बागलकोट से उम्मीदवार उमेश मेती, एच.वाई. मेती के पुत्र हैं, जबकि दावनगेरे दक्षिण से समर्थ मल्लिकार्जुन, शमनूर शिवशंकरप्पा के पोते हैं। समर्थ के पिता, एसएस मल्लिकार्जुन, सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कैबिनेट में मंत्री हैं और दावनगेरे जिले के प्रभारी हैं, जबकि उनकी मां, प्रभा मल्लिकार्जुन, इस क्षेत्र से संसद सदस्य हैं। 2023 के विधानसभा चुनावों में, एच.वाई. मेती ने बागलकोट में भाजपा के चरंतिमठ को 5,878 वोटों के अंतर से हराया, जबकि शिवशंकरप्पा ने दावनगेरे दक्षिण में भाजपा के बी.जी. अजय कुमार को 27,888 वोटों से हराया।
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असम और मिजोरम की सीमा से सटा धर्मनगर विधानसभा क्षेत्र 2008 से कांग्रेस और भाजपा के बीच गढ़ बना हुआ है, जबकि इससे पहले 2003 में यहां सीपीआई(एम) ने जीत दर्ज की थी। इस बार का उपचुनाव काफी दिलचस्प और कड़ा मुकाबला माना जा रहा है, क्योंकि मैदान में छह उम्मीदवार हैं। यह उपचुनाव विधायक और त्रिपुरा विधानसभा के अध्यक्ष बिस्वा बंधु सेन के निधन के बाद कराया जा रहा है। सेन का 26 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में बीमारी की वजह से 72 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था।
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नगालैंड के कोरीडांग सीट पर उपचुनाव
वहीं, नगालैंड में कोरीडांग विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान सुबह से जारी है। दरअसल, चुनाव से संबंधित हिंसा की घटना में एक व्यक्ति की मौत होने के बाद मतदान कड़ी सुरक्षा के बीच कराया जा रहा है। पिछले साल 11 नवंबर को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और इस सीट से विधायक इम्कोमग एल. इम्चेन (75) के निधन के कारण यह उपचुनाव हो रहा है। इस विधानसभा उपचुनाव में छह उम्मीदवार मैदान में हैं।
कुल मतदान केंद्रों में से 13 को संवेदनशील और 17 को अत्यंत संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है जहां अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और निगरानी बढ़ा दी गई है।