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कर्नाटक: वोक्कालिगा समुदाय बना सिद्धारमैया के लिए 'सिरदर्द', सामने आई ये मुसीबत

Wed, 11 Apr 2018 06:42 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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CM Siddaramaiah
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देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक में भी चुनाव में जातियां अहम भूमिका निभाती हैं। राज्य का वोक्कालिगा समुदाय अब कांग्रेस और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के लिए गले की फांस बनता जा रहा है।

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कर्नाटक की आबादी में 8 फीसदी हिस्सा रखने वाला वोक्कालिगा समुदाय सिद्धारमैया से नाराज है। राजनीतिक विश्लेषक मुजफ्फर एच असदी ने बताया कि नाराजगी की वजह सिद्धरमैया का वह बयान जिसमें उन्होंने कहा था कि वह पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा के राजनीतिक महत्व को पूरी तरह से खत्म कर देंगे। 

सिद्धारमैया के इस बयान पर देवगौड़ा के नेतृत्व वाली जनता दल (सेक्युलर) ने फायदा उठाते हुए वोक्कालिगा समुदाय के लोगों को साधते हुए भावानात्मक कार्ड खेला है। पार्टी ने यह जताने की कोशिश की है कि जो भी देवगौड़ा और उनके बेटे कुमारस्वामी के खिलाफ है वह वोक्कालिगा के भी खिलाफ माना जाएगा। 
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ऐसे में सिद्धारमैया ने जिस चामुंडेश्वरी सीट से अपना चुनावी पर्चा भरा है वहां उन्हें वोक्कालिगा का जबरदस्त विरोध झेलना पड़ रहा है। अब सिद्धारमैया के पास दो रास्ते हैं एक तो यह कि वह इस सीट से चुनाव न लड़कर किसी और से सीट से मैदान में उतरे या फिर गैर-वोक्कालिगा वोटर्स को अपने पक्ष में कर लें।

वोक्कालिगा समुदाय की अनदेखी
कुरुबा समुदाय के लोग बीते पांच साल में आरक्षण में हुए बदलाव के बाद कई क्षेत्रों में मजबूत हुए हैं। सिद्धारमैया को कुरुबा समुदाय का खास ख्याल रखना और वोक्कालिगा को नजरअंदाज करना अब भारी पड़ रहा है। 

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