रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रिपल और उनकी बेटी यूलिया पर हुए रासायनिक हमले को लेकर अमेरिका व पश्चिमी देशों से चल रहे राजनयिक संकट के बीच भारत से बातचीत की पहल की है।
सूत्रों ने बताया कि इस संबंध में रूस की तरफ से प्रधानमंत्री मोदी को टेलीफोन करने की पहल की गई। पुतिन और मोदी के बीच यह बातचीत बुधवार को हुई, बृहस्पतिवार को विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की, लेकिन अधिक जानकारी नहीं दी।
दरअसल पूर्व जासूस के मसले पर ब्रिटेन की कार्रवाई में कई विकसित देशों द्वारा रूसी राजनयिकों को निष्कासित करने के बाद सीरिया में रासायनिक हमलों को लेकर भी रूस पूरी दुनिया में घिर गया है। जबकि प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही ब्रिटेन यात्रा पर जाने वाले हैं, जहां ब्रिटेन इस मुद्दे को अगले हफ्ते राष्ट्रमंडल प्रमुखों की बैठक में उठाएगा।
प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि मोदी-पुतिन के बीच आपसी हितों से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा हुई। सीरिया संकट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनके पास अधिक जानकारी नहीं है। पश्चिमी देशों के साथ रूस के गहराते विवाद के बीच मोदी और पुतिन की बातचीत को अहम माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच हुई लंबी बातचीत में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत-रूस के बीच सहयोग जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।
रासायनिक हथियारों के खिलाफ है भारत
भारत ने कहा कि वह रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के खिलाफ है और इस मसले का हल रासायनिक हथियार संधि के प्रावधानों के अनुरूप किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई इस तरह का काम करता है तो उसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।