आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने की बात शशिकला पचा नहीं पा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इस मामले में 4 साल की सजा सुनाई है। जिसके बाद उन्हें बुधवार को पारप्पना अग्रहारा जेल भेज दिया गया।
पुलिस उन्हें जेल तक पुलिस जीप से ले जाना चाहती थी, लेकिन शशिकला इसके लिए तैयार नहीं हुईं। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक शशिकला ने कह दिया कि जेल तक कितनी भी दूरी हो वो पैदल चलने के लिए तैयार हैं। उन्होंने ये भी कहा कि मैं कोई छोटी-मोटी चोर नहीं हूं, जो पुलिस जीप में बैठूं।
अखबार के मुताबिक शशिकला को उम्मीद थी कि उन्हें पिछली बार की तरह ही वीआईपी ट्रीटमेंट मिलेगा जिस तरह का उन्हें पिछली बार जयललिता के साथ जेल जाते वक्त मिला था। जयललिता उस वक्त सीएम थीं और उनकी तबियत खराब थी, जिस वजह से उन्हें ए ग्रेड की सुविधाएं मिली थीं। जयललिता के साथ शशिकला को भी उस वक्त इन सुविधाओं का लाभ मिला था।
जेल में ऐसे बीता शशिकला का पहला दिन
आपको बता दें कि कोर्ट ने शशिकला को वीआईपी ट्रीटमेंट दिए जाने की अर्जी खारिज कर दी थी। अखबार के मुताबिक शशिकला का पहला दिन शांति से बीता वो पूरी रात सो नहीं पाईं।
शशिकला के साथ उनकी एक संबंधी भी हैं। शशिकला उनके अलावा किसी और से बात नहीं कर रही हैं। उनकी तबियत खराब होने की वजह से जेल में उन्हें एक खाट मुहैया कराई गई है।
इसके अलावा उन्हें एक सफेद साड़ी दी गई, जिसे उन्होंने नहीं पहना, क्योंकि उसके साथ का मैचिंग ब्लाउज नहीं था। हालांकि गुरुवार रात वो कुछ घंटों के लिए सोईं और सुबह इमली वाले चावल खाए और कॉफी भी पी।
आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी करार दी गई शशिकला
आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी करार दी गई अन्नाद्रमुक महासचिव वीके शशिकला ने बुधवार को बेंगलुरु की परापन्ना जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
शशिकला बेंगलुरु जेल के सेल नंबर 10711 में कैदी नंबर 9434 के तौर पर रहेंगी। शशिकला को मोमबत्ती बनाने का काम दिया गया है जिसके लिए उन्हें 50 रुपये भी मिलेंगे।
शशिकला को भ्रष्टाचार के मामले में सुप्रीम कोर्ट से चार साल की सजा हुई है। शशिकला ने बेंगलुरु जेल में सरेंडर करने से पहले जयललिता की समाधि पर माथा टेका और इसके बाद शशिकला एमजीआर के मेमोरियल पर भी गईं।