आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एलजी पॉलिमर उद्योग में भी भोपाल गैस हादसा जैसा ही हादसा हुआ है। विशाखापट्टन को विजाग भी कहा जाता है, इसलिए इसे विजाग गैस लीक कहा जा रहा है। लॉकडाउन की वजह से फैक्टी बंद थी जिसे हाल ही में खोला गया था। सात मई की सुबह आरआर वेंकटपुरम गांव में गैस रिसाव हुआ जिसमें खबर लिखे जाने तक 10 लोगों की मौत हो गई थी और 800 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं। गैस का रिसाव बंद कर दिया गया है लेकिन हवा में गैस फैल चुकी है। राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम मौके पर मौजूद है और हालत पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। आइए समझते हैं विजाग गैसे हादसे को आंकड़ों में...
साल 2014 में छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट में मीथेन गैस का रिसाव हुआ था जिसमें छह लोगों की मौत हुई थी और 40 से अधिक लोग घायल हुए थे। छह मृतक दो डिप्टी मैनेजर सहित राज्य सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी सेल के कर्मचारी शामिल थे। भिलाई स्टील प्लांट में 2018 में भी गैस पाइपलाइन में ब्लास्ट हुआ था जिसमें 14 लोगों की जान गई थी।
2017- दिल्ली गैस रिसाव
साल 2017 में देश की राजधानी दिल्ली में बड़ा गैस हादसा हुआ था जिसके बाद करीब 470 स्कूली लड़कियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में एक कंटेनर डिपो से गैस का रिसाव हुआ था। लीक हुई गैस क्लोरोमिथाइल थी जिसका इस्तेमाल कीटनाशक बनाने में किया जाता है। इस गैस रिसाव के बाद बच्चों में आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और चक्कर आने जैसी शिकायतें देखी गईं।
कुल मिलाकर देखा जाए तो ये सभी हादसे किसी-ना-किसी लापरवाही की वजह से ही हुए हैं, लेकिन हमने हर बार के हादसे को एख हादसा समझा और सबक नहीं लिए, ना ही गैस रिसाव के दौरान आपातस्थिति के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए।