प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इस घटना का जायजा लिया और आंध्र के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के साथ एक बैठक भी की।
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर पर लिखा कि इस घटना के संबंध में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय और एनडीएमए के अधिकारियों के साथ बैठक की है, इश पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा, 'मैं विशाखापट्टनम में सभी लोगों की सुरक्षा और बेहतरी के लिए प्रार्थना करता हूं।'
बैठक के बाद एनडीएमए के प्रमुख सचिव पीके मिश्रा ने शीर्ष सरकारी अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, एनडीएमए. एनडीआरएफ, एम्स के निदेशक और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ हुई बैठक में मिश्रा ने विशेषज्ञों की टीम को घटना स्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने इस गैस लीक की वजह से लोगों की मौत और तबीयत बिगड़ने पर आंध्र प्रदेश सरकार और केंद्र को नोटिस जारी किया है। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव से इलाज और बचाव कार्य की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
इसके साथ ही आंध्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भी एक नोटिस जारी किया गया है। इसमें उनसे चार सप्ताह के अंदर इस बात की जानकारी देने को कहा गया है कि इस मामले में कितनी एफआईआर दर्ज हुईं और जांच की स्थिति क्या है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने किंग जॉर्ज अस्पताल पहुंच कर वहां भर्ती पीड़ितों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे के कारण जान गंवाने वालों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही पीड़ितों को 10-10 लाख रुपये और अस्पताल से छुट्टी पाने वाले मरीजों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। पांच सदस्यीय कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी।
आंध्र प्रदेश में गैस लीक की घटना की वजह से सिम्हाचलम पूर्व रेलवे स्टेशन पर गतिविधियां प्रभावित हुई हैं जिससे कम से कम नौ श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के संचालन पर भी प्रभाव पड़ा है। ये ट्रेन कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लगाए गए लॉकडाउन के दौरान देश के विभिन्न भागों में फंसे प्रवासी श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने के लिए चलाई गई हैं।
सिम्हांचल पूर्व रेलवे स्टेशन एलजी पॉलिमर प्लांट के पास स्थित है। गैस लीक के बाद स्टेशन के स्टाफ को सांस में और आंखों में जलन की परेशानी होने लगी थी। रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों को सुबह 8.35 बजे से दोपहर 12 बजे तक के लिए रोक दिया गया था। श्रमिक स्पेशल ट्रेन के साथ दर्जनों मालगाड़ियों के संचालन पर भी असर पड़ा।