केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए तीन मई तक लॉकडाउन को बढ़ा दिया है। साथ ही सभी प्रकार की यात्रा सेवाओं पर भी रोक लगा दी है। सरकार ने कहा है कि इस दौरान विमानन कंपनियों को बुक किए गए हवाई टिकटों का पूरा रिफंड यात्रियों को वापस करना होगा। वहीं, विस्तारा एयरलाइंस ने कहा है कि वह सरकार के आदेश की समीक्षा कर रही है।
सरकार ने एक दिन पहले कहा कि हवाई यात्री लॉकडाउन के पहले चरण के दौरान तीन मई तक यात्रा के लिए बुक किए गए टिकटों का पूरा रिफंड मांग सकते हैं। सरकार के इस आदेश के बाद तमाम घरेलू विमानन कंपनियों ने रिफंड देने में आनाकानी करना शुरू कर दिया। विस्तारा एयरलाइंस ने कहा कि वह सरकार के आदेश की समीक्षा कर रही है और सरकार द्वारा आदेश के कुछ पहलुओं को स्पष्ट करने के बाद वह इसका पालन करेगी।
कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की कि भारतीय विमानन कंपनियों द्वारा लॉकडाउन के कारण रद्द की गई उड़ानों के लिए रिफंड देने के बजाय भविष्य की यात्रा के लिए क्रेडिट वाउचर दिया जा रहा है।
विस्तारा के प्रवक्ता ने कहा कि हम लॉकडाउन में प्रभावित बुकिंग के लिए रिफंड पर मंत्रालय की अधिसूचना की समीक्षा कर रहे हैं और अधिकारियों द्वारा इसके कुछ पहलुओं को स्पष्ट करने के बाद हम इसका अनुपालन करेंगे।
गौरतलब हो कि भारत ने 25 मार्च से 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की थी, लेकिन बाद में इसे तीन मई तक बढ़ा दिया गया। इस दौरान सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगा दी गई है।
गुरुवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आदेश दिया था कि यदि किसी यात्री ने तीन मई तक यात्रा के लिए लॉकडाउन के पहले चरण के दौरान टिकट बुक किया है और यदि विमानन कंपनी को लॉकडाउन के पहले चरण के दौरान भुगतान प्राप्त हुआ है, तो यात्री विमानन कंपनी से पूरे पैसे को रिफंड करने के लिए कह सकता है। मंत्रालय ने कहा कि रिफंड रद्द करने के अनुरोध की तारीख से तीन सप्ताह के भीतर दिया जाना चाहिए।
बता दें कि अमेरिकी सरकार ने इस महीने की शुरुआत में अपनी एयरलाइंस को टिकट कैंसिलेशन के लिए यात्रियों को रिफंड जारी करने को कहा था। वहीं, कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए भारत में लॉकडाउन लागू किया गया है। इस खतरनाक वायरस ने 13,000 से अधिक लोगों को संक्रमित किया है और देश में अब तक 400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी हैं।