इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में दर्शकों को उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों के बीच काशी विश्वनाथ मंदिर और देश के सबसे युवा मुख्यमंत्री अखिलेश कुमार की स्मार्ट डिजिटल की सोच व योजनाएं भी दिखेंगी। यूपी पवेलियन में ताजमहल, यमुना, गोमती व गंगा घाट के साथ-साथ लेपटॉप वितरण की सफलता के बारे में भी जानने का मौका मिलेगा।
प्रगति मैदान में सोमवार से शुरू होने जा रहे 36वें इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में उत्तर प्रदेश पवेलियन में दर्शकों को इतिहास, सियासत के साथ धर्म से रूबरू होने का भी मौका मिलेगा। पवेलियन का द्वार काशी विश्वनाथ मंदिर का बना है। यहां दर्शकों को पता चलेगा कि यह मंदिर पूरी तरह मैथमेटिक्स पर आधारित था, जोकि घूमता है।
मंदिर की सभी यूनिट घूमती थी, जोकि अद्भुत हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर के द्वार के दाईं तरफ यमुना, गोमती व गंगा घाट भी दिखेगा। इसी के साथ ताजमहल और लखनऊ शहर की झलक दिखेगी।
इतिहास के साथ स्मार्ट डिजिटल विकास की भी झलक
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पवेलियन के अंदर, पीतल, जूट, कारपेट, दरी, गुलाब जल, प्लास्टिक, गुड़ से तैयार मिठाई, गजक, मिल्क प्रोडेक्ट, सिल्क, कॉटन, आर्टिफिशियल जूलरी, परफ्यूम, लखनवी वर्क, सहारनपुर का कटवर्क वूडन फर्नीचर, अगरबत्ती, स्टील के अलावा अन्य उद्योगों के सामान होंगे।
उत्तर प्रदेश ट्रेड प्रमोशन अथॉरिटी, ट्रेड फेयर सीईओ राजेश सिंह यादव ने कहा कि मेले में दर्शकों को इतिहास, ऐतिहासिक धरोहर के साथ युवा मुख्यमंत्री की स्मार्ट सोच भी देखने को मिलेगी, जोकि सफल भी रही हैं।
यूपी पवेलियन में प्रतिदिन एक लाख से अधिक दर्शक दौरा करते हुए शॉपिंग करते हैं। इसके अलावा प्रदेश में डिजिटल तरीके से होने वाले काम व तकनीक का भी संगम देखने को मिलेगा। मेले में 16 नवंबर को मुख्यमंत्री अखिलेश कुमार भी शिरकत करेंगे।