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Sitamarhi Project: सीतामढ़ी में लगेगी मां सीता की 251 फीट ऊंची प्रतिमा, विश्व हिन्दू परिषद करेगा हरसंभव सहयोग

Mon, 16 Oct 2023 11:53 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी

सार

आलोक कुमार ने सीतामढ़ी में माता सीता की 251 फीट ऊंची प्रतिमा तथा संबंधित क्षेत्र को पर्यटन एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए काउंसिल के संकल्प को बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद पूरा सहयोग करेगा।
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विश्व हिन्दू परिषद के आलोक कुमार ने सहयोग करने की घोषणा की। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अयोध्या में भगवान राम के मंदिर के बनने से उत्तर प्रदेश के पर्यटन में वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा है। उसी तरह सीतामढ़ी में माता सीता की 251 फीट ऊंची मूर्ति स्थापित होने से इस क्षेत्र के पर्यटन में बड़ा विकास होने की उम्मीद लगाई जा रही है। अब रविवार को डुमरा स्थित राधा कृष्ण मंदिर में रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे।

आलोक कुमार ने सीतामढ़ी में माता सीता की 251 फीट ऊंची प्रतिमा तथा संबंधित क्षेत्र को पर्यटन एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए काउंसिल के संकल्प को बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद इसका पूरा समर्थन करेगा और जहां भी जरूरत पड़ेगी सहयोग दिया जाएगा। 

कुमार ने अयोध्या में राम मंदिर की तर्ज पर यहां भी काउंसिल के अंतर्गत माता सीता की भव्य प्रतिमा के निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने के संकल्प को दोहराया और अयोध्या में अगले वर्ष 22 जनवरी को भगवान राम के मंदिर के लिए भव्य पूजन के अवसर पर सचों को शामिल होने का आमंत्रण भी दिया।

वहीं श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के ट्रस्टी तथा रामायण रिसर्च काउंसिल के अध्यक्ष कामेश्वर चौपाल ने कहा कि वैसे तो वह स्वयं विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, लेकिन कुछ प्रोटोकॉल के तहत अभी तक विश्व हिन्दू परिषद का सहयोग इस पुनीत कार्य को प्राप्त नहीं पा रहा था। हालांकि, अब विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का सीतामढ़ी की धरती पर आकर रामायण रिसर्च काउंसिल के अंतर्गत माता सीता के कार्य में सहयोग की घोषणा करने से बिहार ही नहीं बल्कि पूरे भारत में श्रद्धालुओं के मन में बहुत प्रसन्नता होगी। श्री चौपाल ने कहा कि मां सीताजी की यहां न केवल भव्य प्रतिमा बनेगी, बल्कि 51 शक्तिपीठों से मिट्टी एवं ज्योत लाकर मां सीताजी को उसी रूप में स्थापित किया जाना है, जिस रूप में मां 51 शक्तिपीठों में विराजमान हैं। 

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि माता सीता को पहली बार यहां भगवती के रूप में स्थापित कर सीतामंदी क्षेत्र की शक्ति-स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। श्री चौपाल ने कहा कि जल्द ही बिहार के हर जिले में जन-जागरण अभियान के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित कर आमजन का साथ लिया जाएगा और फिर बिहार की ही तर्ज पर पूरे भारतवर्ष में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रेस वार्ता में मौजूद राघोपुर बखरी में भूमि के दाता महत रामलीला दास ने कहा कि उनके लिए यह सौभाग्य की बात है कि रामायण रिसर्च काउंसिल जैसी संस्था ने माता सीता के मंदिर निर्माण के लिए कई वर्षों से लगातार पहल की है और काउंसिल के सतत प्रयास को ही देखते हुए हम सब काउंसिल के साथ आए हैं। आशा है कि शीघ्र ही हम मंदिर के निर्माण कार्य को शुरू भी कर लेंगे। 

बता दें कि रामायण रिसर्च काउंसिल ने सीतामढ़ी स्थित राघोपुर बखरी में 12 एकड़ 43 डिसमिल जमीन प्राप्त कर ली है। साथ ही कुछ और भूमि का एग्रीमेंट भी कर लिया है। वहीं, इस प्रेस वर्ता में विश्व हिन्दू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री आनंद, पूर्व सांसद सीताराम यादव भी शामिल हुए।

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