देशभर में बढ़ते कोरोनावायरस के प्रकोप और लॉकडाउन के दौरान कार्यक्रम होने के सवाल पर परांडे का कहना है कि, जहां स्थानीय प्रशासन की अनुमति होगी वहां ही रामोत्सव का आयोजन होगा। आज हर राज्य की स्थिति अलग-अलग है। वहां की सरकारों के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए ये सभी आयोजन होगा। जहां लॉकडाउन है या जहां कोरोना संक्रमण ज्यादा है, हम वहां लोगों से आह्वान कर रहे है वे कोरोना गाइडलाइन पालन करते हुए अपने घरों में परिवार के साथ मिलकर भगवान राम की आराधना करें। ऐसे स्थानों पर शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी। जहां छूट है वहां सीमित संख्या में मिलकर इसका आयोजन करेंगे।
रामोत्सव कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए परांडे कहते है कि देशभर में राममंदिर निर्माण के निधि समर्पण करने को लेकर समाज में जिस तरह से उत्साह देखने को मिला वह अद्भुत था। सभी लोगों के सहयोग से राम मंदिर का निर्माण हो रहा है लेकिन जब तक लोग भगवान राम के आचरण को जीवन में नहीं उतारेंगे तब तक रामराज्य की कल्पना हम नहीं कर सकते है। इसलिए रामोत्सव कार्यक्रम के जरिए समाज के बीच जाकर उनके जीवन पर प्रकाश डाला जाएगा। कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को महिला सम्मान, सामाजिक समरसता, संगठित होकर बुराई से संघर्ष और जीवन में रिश्तों की मर्यादा के बारे में बताएंगे
उन्होंने आगे कहा, इस दौरान शहर से लेकर गांवों में छोटी छोटी गोष्ठियां कर भगवान राम के जीवन पर प्रकाश डाला जाएगा। समापन के दिन हनुमान जयंती पर सभी मंदिरों में हनुमान चालिसा का पाठ किया जाएगा। ये कार्यक्रम ज्यादा से ज्यादा मंदिरों में ऐसा प्रयास किया जा रहा है।