भारत पहली बार किसी देश के साथ डिजिटल तकनीक के जरिए द्विपक्षीय वार्ता करने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन चार जून को आभासी (वर्चुअल) शिखर बैठक के जरिए एक दूसरे से मौजूदा वैश्विक संकट और आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। नई परिस्थितियों में दोनों देश अपने व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों के तमाम पहलुओं पर भी चर्चा करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी वैसे तो ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मॉरिसन से पिछले डेढ़ सालों में पहले भी चार मौकों पर मिल चुके हैं लेकिन ताजा परिस्थितियों में पहली बार ये आभासी मुलाकात होगी। गुरुवार को होने वाली इस शिखर बैठक में दोनों नेता रक्षा, व्यापार, सुरक्षा और विज्ञान और प्रौद्योगिकी की उच्च शिक्षा में नए अवसरों को लेकर चर्चा कर सकते हैं।
सूत्रों का कहना है कि इस बैठक को लेकर दोनों ही देश बेहद उत्साहित हैं। मॉरिसन ने तो रविवार को ट्वीट करके अपनी एक फोटो शेयर की है जिसमें वो समोसा और चटनी की प्लेट लेकर नडर आ रहे हैं और मोदी से मुलाकात को लेकर खासे उत्साहित दिख रहे हैं।
मॉरिसन इस साल 13 से 16 जनवरी के बीच ही दिल्ली आने वाले थे लेकिन कुछ अंदरूनी संकटों की वजह से उनकी यात्रा टल गई थी। फिर उन्हें मई में आना था लेकिन उसके बाद वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से ऐसी कोई मुलाकात संभव नहीं हो पाई। इसलिए अब ये द्विपक्षीय मुलाकात वर्चुअल तरीके से रखी गई है। भारत ये पहली बार करने जा रहा है जबकि ऑस्ट्रेलिया एक बार पहले भी मार्च में सिंगापुर के साथ ऐसी ही वर्चुअल बातचीत कर चुका है।
कोरोना संकट के बाद तमाम देश अब बातचीत या मुलाकात के लिए डिजिटल तकनीक का ही सहारा ले रहे हैं। पिछले दिनों सार्क देशों का सम्मेलन भी इसी माध्यम से हुआ था।
माना जा रहा है कि इस बातचीत के दौरान दोनों देश इस संकट के दौर में अपने नागरिकों की सुरक्षा और वापसी को लेकर भी चर्चा करेंगे और आने वाले वक्त में अपने रिश्तों को और बेहतर और मजबूत बनाने को लेकर कुछ नए करार भी किए जा सकते हैं।
आस्ट्रेलिया में करीब सात लाख भारतीय रहते हैं और करीब 106000 छात्र वहां पढ़ रहे हैं। वंदे भारत मिशन के तहत अबतक वहां से 1560 भारतीय नागरिकों को वापस लाया जा चुका है। दो दौर में सात विमानों के जरिये भारतीय नागरिकों को वहां से वापस लाया गया है। जबकि भारत से 1096 में ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को वापस भेजा जा चुका है। सिडनी से अमृतसर, दिल्ली और अहमदाबाद के अलावा मेलबॉर्न से अमृतसर, बेंगलुरु, कोच्चि और हैदराबाद के लिए वंदे भारत मिशन के तहत विशेष विमानों से लोग वापस आए।