पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस व अन्य पार्टियों से भाजपा में शामिल हुए नेताओं समेत करीब दर्जनभर सांसद विधायकों को केंद्र सरकार ने वीआईपी सुरक्षा प्रदान की है।
अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि गृहमंत्रालय ने केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिश पर इन नेताओं को खतरे की आशंका के चलते बंगाल में आवाजाही के लिए ‘एक्स’ व ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को इनकी सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है।
सूत्रों के मुताबिक नेताओं को वीआईपी सुरक्षा स्थायी रूप से आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर दी गई है। एक बार चुनावी गतिविधियां पूरी होने के बाद सुरक्षा की पुन: समीक्षा की जाएगी।
सुरक्षा प्राप्त करने वालों में माकपा विधायक अशोक डिंडा, टीएमसी विधायक बंसारी मैती, कांग्रेस विधायक सुदीप मुखर्जी, टीएमसी विधायक दीपाली बिश्वास, बैशाली डालमिया, सैकत पंजा, बिश्वजीत कुंडू, शिलाभद्र दत्ता व माकपा विधायक तापसी मंडल शामिल हैं।
इनमें से ज्यादातर ने तृणमूल या उनकी पार्टी को छोड़ दिया है और कई भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा भाजपा सांसद कुनार हेबराम, सुभाष सरकार, जगन्नाथ सरकार और राज्य समिति सदस्य कृष्णेंदु मुखर्जी को भी केंद्रीय सुरक्षा दी गई है।