सबरीमाला मुद्दे पर केरल में भाजपा-आरएसएस और सत्ताधारी माकपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पें जारी हैं। राज्य में शनिवार देर रात तक जारी उपद्रव का असर रविवार सुबह तक देखा गया। इस दौरान राजनीतिक रूप से अस्थिर कुन्नूर जिले में कई घरों और दुकानों को निशाना बनाया गया। कुछ भाजपा नेताओं के घरों को भी निशाना बनाया गया। जिला प्रशासन को निषेधाज्ञा लागू करनी पड़ी।
पुलिस ने कहा कि रविवार सुबह एक गैरराजपत्रित अधिकारी यूनियन के नेता के घर पर बम फेंका गया। जिला प्रशासन द्वारा शनिवार को बुलाई गई शांति बैठक में भाजपा और माकपा नेताओं ने कुन्नून में प्रदर्शन या रैली न निकालने पर राजी हो गए थे। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) लोकनाथ बेहरा ने बताया कि हिंसक वारदातों के लिए शनिवार रात से 1286 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं।
वहीं तीन जनवरी को दो महिलाओं के सबरीमाला मंदिर में प्रवेश के बाद हड़ताल के आह्वान के बाद से 5700 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें में 487 को रिमांड पर लिया गया है, जबकि शेष को जमानत पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने कहा कि भाजपा और माकपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प को देखते हुए कई इलाकों में निषेधाज्ञा लागू हैं।
ब्रिटेन, अमेरिका की एडवाइजरी केरल का अपमान : पर्यटन मंत्री
केरल के पर्यटन मंत्री कडकमपल्ली सुरेंद्रन ने कहा है कि ब्रिटेन और अमेरिका द्वारा अपने नागरिकों को समरीमाला में अशांति को देखते हुए यात्रा की एडवाइजरी को दक्षिणी राज्य का अपमान बताया है। सुरेंद्रन का कहना है कि उन्होंने नागरिकों को जाने से मना नहीं किया, बल्कि यह कहा कि सतर्क रहें और यह अपने आप में अपमानजनक है। इससे राज्य में पर्यटन पर बुरा असर पड़ेगा।