नूंह हिंसा में हरियाणा सरकार की ओर से सबसे गंभीर लापरवाही उजागर होने की बात कही जा रही है। राज्य का प्रशासन इतने बड़े पैमाने पर हिंसा किए जाने की तैयारी की सूचना से वंचित रही। पुलिस और प्रशासन को इसका पता नहीं चल सका, इसको लेकर हरियाणा सरकार की कड़ी आलोचना की जा रही है।
जिस तरह पलवल सहित दूसरे इलाकों में हिंसा हो रही है, इससे इन इलाकों में पंचायत किए जाने से माहौल खराब हो सकते हैं। इसके पहले भी हरियाणा की महापंयतों में कुछ हिन्दू नेताओं के द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के लिए आपत्तिजनक बयानबाजी की गई थी जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया था। इस बार इस तरह की घटना न होने पाए इससे निपट पाना प्रशासन के लिए कड़ी चुनौती होगी।
विहिप ने दावा किया है कि नल्हड़ महादेव का मंदिर तीन ओर से पहाड़ियों से घिरा है। केवल एक तरफ से आने-जाने का रास्ता है। कथित तौर पर हिंसा होने के बाद इस मार्ग को भी बाधित कर दिया गया था, जिससे मंदिर में छिपे लोगों की सहायता के लिए पुलिस या किसी अन्य तरह की सहायता नहीं पहुंच सके। इसमें पुलिस प्रशासन की गंभीर लापरवाही सामने आ रही है।
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विहिप के संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि जिस तरह यात्रा के प्रारंभ होने के मात्र 15 मिनट के अंदर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने पथराव शुरू कर दिया, उससे यह साफ होता है कि पहले से ही हिंसा किए जाने की तैयारी कर ली गई थी। नलहड़ महादेव के मंदिर में छिपे लोगों पर भी पथराव किया गया है। पुलिस की सहायता के बाद लोगों को उनके घर पहुंचाया जा सका। विहिप नेता ने कहा कि चाहे हिंदुओं का त्योहार हो या मुसलमानों का, हिंदू समुदाय पर ही आक्रमण किया जाता है। सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क और असदुद्दीन ओवैसी ने इसे प्रतिक्रिया में की गई हिंसा करार दिया है। विहिप ने इन नेताओं के बयानों पर गंभीर आपत्ति जताई है।