Maharashtra: कोल्हापुर और अहमदनगर में क्यों हो रहा बवाल, महाराष्ट्र के दो जिलों में हिंसा के पीछे की वजह क्या?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Wed, 07 Jun 2023 06:08 PM IST
सार
महाराष्ट्र के कोल्हापुर में मंगलवार को कुछ युवकों ने सोशल मीडिया पर औरंगजेब के समर्थन में पोस्ट किया। बुधवार को इसके विरोध में प्रदर्शन हुआ। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया जिसमें कई लोग घायल हो गए।
कोल्हापुर और अहमदनगर में बवाल
- फोटो : AMAR UJALA
महाराष्ट्र में औरंगजेब को लेकर दो जिलों में तनाव है। पहली घटना कोल्हापुर में हुई जहां मंगलवार को कुछ युवकों ने सोशल मीडिया पर औरंगजेब के समर्थन में पोस्ट किया था। इसके खिलाफ बुधवार को बुलाए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हो गई। इससे पहले मंगलवार को अहमदनगर में पत्थरबाजी की घटना सामने आई थी। यहां औरंगजेब के समर्थन में हुई एक रैली के विरोध में प्रदर्शन आयोजित किया गया था।
आइए जानते हैं कि कोल्हापुर और अहमदनगर में क्या हुआ? हिंसा की वजह क्या है? स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन क्या कर रही है? क्या इसमें राजनीति भी हो रही है?
कोल्हापुर और अहमदनगर में बवाल
- फोटो : AMAR UJALA
महाराष्ट्र में औरंगजेब को लेकर दो जिलों में तनाव है। पहली घटना कोल्हापुर में हुई जहां मंगलवार को कुछ युवकों ने सोशल मीडिया पर औरंगजेब के समर्थन में पोस्ट किया था। इसके खिलाफ बुधवार को बुलाए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हो गई। इससे पहले मंगलवार को अहमदनगर में पत्थरबाजी की घटना सामने आई थी। यहां औरंगजेब के समर्थन में हुई एक रैली के विरोध में प्रदर्शन आयोजित किया गया था।
आइए जानते हैं कि कोल्हापुर और अहमदनगर में क्या हुआ? हिंसा की वजह क्या है? स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन क्या कर रही है? क्या इसमें राजनीति भी हो रही है?
कोल्हापुर
- फोटो : PTI
पहले कोल्हापुर की घटना के बारे में जान लीजिए
महाराष्ट्र के कोल्हापुर में मंगलवार को कुछ युवकों ने सोशल मीडिया पर औरंगजेब के समर्थन में पोस्ट किया। बुधवार को इसके विरोध में प्रदर्शन हुआ। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया जिसमें कई लोग घायल हो गए।
कोल्हापुर के पुलिस अधीक्षक महेंद्र पंडित ने कहा कि कुछ संगठनों ने कोल्हापुर बंद का आह्वान किया था और इन संगठनों के सदस्य बुधवार को शिवाजी चौक पर एकत्र हुए। उनका प्रदर्शन समाप्त होने के बाद, भीड़ तितर-बितर होने लगी, लेकिन कुछ उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे पुलिस को मजबूर होकर बल प्रयोग करना पड़ा। इस मामले में अब तक 21 लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है।
अहमदनगर में क्यों हुआ बवाल?
कोल्हापुर से पहले मंगलवार को अहमदनगर में भी इसी तरह के मामले में पत्थरबाजी की घटना हुई। पत्थरबाजी में दो लोग घायल हो गए, साथ ही कई गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गई। शहर के बाहरी इलाके में दक्षिणपंथी संगठनों ने एक रैली का आयोजन किया था। इसके बाद कुछ असामाजिक तत्वों ने पत्थरबाजी की। अहमदनगर एसपी राकेश ओला ने बताया कि रैली दोपहर 12 बजे खत्म हो गई थी। रैली के बाद लोगों के वापस जाते वक्त संगमनेर शहर से पांच किलोमीटर दूर समनपुर गांव में असामाजिक तत्वों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए।
हमले में दो लोगों के साथ-साथ दो-तीन गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गई। पत्थरबाजी की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। इलाके में तनाव के कारण पुलिस बल तैनात किया गया है। एसपी ओला ने बताया कि इलाके में फिलहाल शांति है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जुलूस में लहराया गया था औरंगजेब का पोस्टर
अहमदनगर के फाकिरवाड़ा में रविवार सुबह नौ बजे एक जुलूस निकाला गया था। जुलूस में गाने बज रहे थे, जिस पर लोग डांस कर रहे थे। इसी जुलूस में चार लोग औरंगजेब के पोस्टर लेकर चल रहे थे। धार्मिक भावनाएं भड़काने और हिंसा के लिए उकसाने के आरोप में उन चारों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे
- फोटो : अमर उजाला
दोनों शहरों में हुई हिंसा पर क्या बोले नेता?
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकार की है। गृह विभाग और मंत्री अधिकारियों के साथ संपर्क में है और मैं भी अधिकारियों के साथ संपर्क में हूं। डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि औरंगजेब की तारीफ करने वालों के लिए महाराष्ट्र में कोई माफी नहीं है। पुलिस भी कार्रवाई कर रही है।
एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने कहा कि राज्य सरकार को कानून व्यवस्था पर सख्त कदम उठाना चाहिए। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) एमएलसी अंबादास दानवे ने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार सिर्फ बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन कार्रवाई करने में विफल हो जाती है।